
Jamshedpur : राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में शामिल होने पहुंचे कुछ हिंदू छात्र-छात्राओं के हाथों में बंधे धार्मिक कलावा (रक्षासूत्र) काटे जाने की सूचना पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। संगठन ने इसे धार्मिक आस्था से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए प्रशासन से पूरे मामले की जांच और स्पष्टीकरण की मांग की है।
विहिप के सिंहभूम विभाग मंत्री अरुण सिंह ने कहा कि परीक्षा के नाम पर किसी भी छात्र-छात्रा की धार्मिक आस्था और परंपराओं से जुड़े प्रतीकों के साथ छेड़छाड़ स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में कालावा या रक्षासूत्र केवल एक धागा नहीं, बल्कि श्रद्धा, विश्वास और धार्मिक परंपरा का प्रतीक है। ऐसे में परीक्षा केंद्रों पर इसे हटाने या काटने की कार्रवाई हिंदू समाज की भावनाओं को आहत करने वाली है।
अरुण सिंह ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि नीट परीक्षा के दौरान कुछ परीक्षार्थियों के हाथों में बंधे कलावा को परीक्षा केंद्रों पर काट दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी जानकारी के अनुसार किसी भी परीक्षा नियमावली में धार्मिक प्रतीकों को काटने का कोई प्रावधान नहीं है। हालांकि, वास्तविक स्थिति जानने के लिए वे जिला प्रशासन से परीक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों और नियमों की जानकारी प्राप्त करेंगे।
उन्होंने बताया कि सोमवार को जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले पर विस्तृत जानकारी मांगी जाएगी। साथ ही यह भी पूछा जाएगा कि किन परिस्थितियों में परीक्षार्थियों के धार्मिक प्रतीकों को हटाया गया और इसके लिए किस स्तर पर निर्देश जारी किए गए थे।
विहिप नेता ने मांग की कि यदि परीक्षा प्रक्रिया के दौरान किसी छात्र या छात्रा के धार्मिक प्रतीक को जबरन हटाया या काटा गया है तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से नहीं लेता है तो विश्व हिंदू परिषद और हिंदू समाज विरोध प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगा।
उन्होंने कहा कि संगठन धार्मिक आस्था और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है तथा इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर हिंदू समाज के बीच उठाया जाएगा।
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