
वीबी-जी राम जी योजना में कृषि कार्यों के अनुरूप तैयार होगा ग्रामीण रोजगार का कैलेंडर
रांची : वीबी-जी राम जी योजना के तहत झारखंड को कृषि की भौगोलिक स्थिति, मानसून और फसल चक्र के आधार पर तीन कृषि-जलवायु जोन में बांटा गया है। ग्रामीण विकास विभाग ने कृषि विभाग के सहयोग से इस योजना के लिए कैलेंडर तैयार कर रहा है। राज्य में मध्य एवं उत्तर-पूर्वी पठारी, पश्चिमी पठारी और दक्षिण-पूर्वी पठारी तीन कृषि जोन निर्धारित किए गए हैं। इन क्षेत्रों की स्थानीय कृषि परिस्थितियों को ध्यान में रखकर वीबी-जी राम जी योजना के कार्यों की योजना और श्रम उपलब्धता का कैलेंडर तैयार किया जाएगा।
मध्य एवं उत्तर-पूर्वी पठारी क्षेत्र में रांची, बोकारो, चतरा, देवघर, धनबाद, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, हजारीबाग, जामताड़ा, कोडरमा, पाकुड़, रामगढ़ और साहिबगंज शामिल हैं। यहां मानसून सामान्य अथवा कुछ पहले सक्रिय होता है।
पश्चिमी पठारी क्षेत्र में गढ़वा, पलामू, लातेहार, गुमला, लोहरदगा, खूंटी और सिमडेगा को रखा गया है। यह क्षेत्र अपेक्षाकृत सूखा प्रवण है और यहां मानसून के पहुंचने का समय अलग रहता है।
दक्षिण-पूर्वी पठारी क्षेत्र में पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले हैं। यहां प्री-मानसून और मानसून की बारिश अपेक्षाकृत पहले और अच्छी होती है।
जोन के निर्धारण में मानसून, वर्षा की स्थिति, खेती का समय, फसल चक्र और स्थानीय कृषि गतिविधियों को आधार बनाया गया है। इससे वीबी-जी राम जी योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले कार्यों को स्थानीय कृषि गतिविधियों के साथ बेहतर ढंग से समन्वित किया जा सकेगा। धान रोपनी से कटाई तक के लिए 60 दिन का अवकाश मजदूरों को दिया जाएगा।

