
पलामू : झारखंड के पलामू जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल के ठीक सामने संचालित रीमा सेवा सदन में जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं मिलने के बाद प्रशासन ने रविवार रात बड़ी कार्रवाई की। सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय पांडेय और सिविल सर्जन डॉ. अनिल श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। जांच में जरूरी दस्तावेजों से लेकर मरीजों की सुरक्षा और संक्रमण नियंत्रण तक कई स्तर पर कमियां सामने आईं। इसके बाद अधिकारियों ने रीमा सेवा सदन को सील कर दिया।
प्रशासनिक जांच के दौरान सेवा सदन के संचालन से जुड़े कई आवश्यक अभिलेख भी उपलब्ध नहीं मिले। परिसर के लिए वैध किरायानामा प्रस्तुत नहीं किया जा सका। निरीक्षण के समय वहां कोई चिकित्सक या स्वास्थ्यकर्मी भी मौजूद नहीं था। अधिकारियों ने ऑपरेशन कक्ष, भर्ती मरीजों और छुट्टी पंजिका के साथ संबंधित चिकित्सकों की सहमति एवं अनुबंध पत्र भी मांगे गए, लेकिन ये जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए।
ऑपरेशन कक्ष में मिली गंभीर अव्यवस्था
जांच के दौरान सबसे गंभीर स्थिति ऑपरेशन कक्ष में सामने आई। वहां साफ-सफाई की स्थिति खराब मिली। अधिकारियों के अनुसार ऑपरेशन के दौरान बेहोशी का इंजेक्शन देने के लिए जरूरी व्यवस्था और कार्यस्थल भी उपलब्ध नहीं था।
ऑपरेशन कक्ष में पर्याप्त व्यवस्था के बजाय ऑपरेशन लैंप की जगह सामान्य जांच के लिए इस्तेमाल होने वाले लैंप का उपयोग किया जा रहा था। ऑपरेशन टेबल की स्थिति भी खराब मिली। वह बेहद गंदा, क्षतिग्रस्त और फटा हुआ पाया गया। अधिकारियों ने इसे संक्रमण नियंत्रण और मरीजों की सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर स्थिति माना।
अग्नि सुरक्षा और जैव चिकित्सा अपशिष्ट व्यवस्था में भी कमी
निरीक्षण में जैव चिकित्सा अपशिष्ट के निस्तारण की व्यवस्था भी मानकों के अनुरूप नहीं मिली। परिसर में उपलब्ध व्यवस्था की वैधता अवधि समाप्त पाई गई। इसके अलावा आग से बचाव के लिए जरूरी उपकरण और अन्य अग्नि सुरक्षा इंतजाम भी मौजूद नहीं मिले।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि किसी आपातकालीन चिकित्सकीय स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक उपकरण, दवाएं और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध नहीं थीं। इससे स्वास्थ्य सेवा के दौरान आपात स्थिति में मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए।
बिना वैध लाइसेंस के दवा दुकान संचालित होने की बात सामने आई
प्रशासनिक जांच में रीमा सेवा सदन परिसर में संचालित दवा दुकान से जुड़ी भी अनियमितता सामने आई। अधिकारियों के अनुसार परिसर में बिना वैध लाइसेंस के दवा दुकान संचालित की जा रही थी। एक ही परिसर में चिकित्सा व्यवस्था, दवा दुकान, ऑपरेशन कक्ष और मरीजों की भर्ती से जुड़े कई पहलुओं की जांच की गई। दस्तावेजों और जरूरी व्यवस्थाओं में कई कमियां मिलने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई का निर्णय लिया।
सीलिंग के समय दो महिला मरीज थी भर्ती
रीमा सेवा सदन को सील किए जाने के समय वहां दो महिला मरीज भर्ती थी। दोनों का ऑपरेशन हो चुका था और वे स्वास्थ्य लाभ ले रही थीं। प्रशासन ने मरीजों की स्थिति को देखते हुए उन्हें सदर अस्पताल भेज दिया।
सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय पांडेय ने कार्रवाई की जानकारी दी। अधिकारियों के निरीक्षण में सामने आई विभिन्न कमियों के बाद रीमा सेवा सदन को सील किया गया। जांच में वैध दस्तावेजों की अनुपलब्धता, चिकित्सकीय व्यवस्था की कमी, ऑपरेशन कक्ष में गंदगी, खराब ऑपरेशन टेबल, अग्नि सुरक्षा इंतजामों का अभाव, जैव चिकित्सा अपशिष्ट निस्तारण से जुड़ी खामी और बिना वैध लाइसेंस के दवा दुकान संचालन जैसी अनियमितताएं सामने आईं।
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