
जमशेदपुर : रात में नींद के बीच बार-बार तेज प्यास लगना और पानी पीने के लिए उठना कई लोगों के लिए सामान्य अनुभव हो सकता है। दिनभर पर्याप्त पानी न पीना, कमरे में अधिक गर्मी, ज्यादा नमकीन खाना या कैफीन का सेवन इसकी वजह बन सकता है। लेकिन अगर यह समस्या लगातार रातों में बनी रहती है और नींद बार-बार टूटती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसके पीछे डायबिटीज, किडनी से जुड़ी समस्या या अन्य स्वास्थ्य कारण हो सकते हैं।
रात में बार-बार प्यास क्यों लगती है?
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) जमशेदपुर ब्रांच के पूर्व अध्यक्ष एवं फिजिशियन डॉ. आर.एल. अग्रवाल के अनुसार, रात में प्यास लगने के कई कारण हो सकते हैं। दिनभर शरीर में पर्याप्त पानी नहीं पहुंचने पर रात में प्यास महसूस हो सकती है। गर्म मौसम या कमरे में अधिक गर्मी के कारण पसीना निकलने से भी शरीर में पानी की कमी हो सकती है।
इसके अलावा रात में अधिक नमकीन भोजन, कैफीन वाले पेय पदार्थ या शराब का सेवन भी मुंह सूखने और प्यास बढ़ने की वजह बन सकता है।
प्यास के साथ बार-बार पेशाब आए तो रहें सावधान
अगर रात में तेज प्यास के साथ बार-बार पेशाब भी आता है, तो यह केवल सामान्य आदत नहीं हो सकती। खासकर डायबिटीज में ब्लड ग्लूकोज बढ़ने पर शरीर अतिरिक्त ग्लूकोज को पेशाब के जरिए बाहर निकालने की कोशिश करता है। इससे पेशाब अधिक आ सकता है और उसके कारण प्यास भी बढ़ सकती है।
यदि प्यास और बार-बार पेशाब के साथ वजन कम होना, अत्यधिक भूख, कमजोरी या धुंधला दिखाई देना जैसे लक्षण भी हों, तो ब्लड ग्लूकोज की जांच और डॉक्टर की सलाह लेना उचित है।
किडनी की समस्या भी हो सकती है वजह
किडनी शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स के संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। किडनी से जुड़ी कुछ स्थितियों में पेशाब के पैटर्न में बदलाव हो सकता है, जिससे व्यक्ति को अधिक प्यास लग सकती है। हालांकि केवल रात में प्यास लगने से किडनी की बीमारी का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
लगातार समस्या रहने पर डॉक्टर जरूरत के अनुसार ब्लड और यूरिन टेस्ट की सलाह दे सकते हैं।
दवाओं और कैफीन का भी पड़ सकता है असर
कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट के कारण मुंह सूख सकता है या पेशाब अधिक आ सकता है। इससे प्यास बढ़ने की समस्या हो सकती है। वहीं अधिक मात्रा में चाय, कॉफी, एनर्जी ड्रिंक या अन्य कैफीनयुक्त पेय लेने से भी नींद प्रभावित हो सकती है और रात में बार-बार उठना पड़ सकता है।
रात की प्यास से राहत के लिए क्या करें?
डॉ. अग्रवाल के अनुसार, दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। देर रात बहुत ज्यादा नमकीन भोजन करने से बचें। कैफीन और शराब का सेवन सीमित रखें। सोने से ठीक पहले बहुत अधिक पानी पीने से भी रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना पड़ सकता है।
अगर नाक बंद रहने या मुंह से सांस लेने के कारण रात में मुंह सूखता है, तो इस समस्या का भी उपचार कराना चाहिए।
लगातार समस्या हो तो जांच जरूरी
कभी-कभार रात में प्यास लगना सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर यह समस्या लगातार बनी हुई है और इसके साथ बार-बार पेशाब आना, कमजोरी, चक्कर, डिहाइड्रेशन या वजन में अचानक बदलाव जैसे लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। सही कारण की पहचान के बाद ही उचित उपचार संभव है।
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