
दुमका : झारखंड के दुमका जिला मुख्यालय में चोरों के हौसले एक बार फिर बुलंद नजर आ रहे हैं। रविवार की रात चोरों ने सराय रोड स्थित प्रतिष्ठित व्यापारी अशोक मोदी के पैतृक आवास को निशाना बनाया। चोर खिड़की का ग्रिल काटकर घर के अंदर दाखिल हुए और करीब 25 लाख रुपये के जेवरात लेकर फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है।
घर में सोते रहे परिजन, कमरे में घुसकर चोरी
जानकारी के अनुसार, वंदना जनरल स्टोर के प्रोपराइटर अशोक मोदी इन दिनों अपने छोटे बेटे के पास कोलकाता गए हुए हैं। चोरों ने जिस कमरे को निशाना बनाया, उसमें रात के समय कोई नहीं सो रहा था। वहीं, घर के दूसरे कमरे में परिवार के सदस्य मौजूद थे और सो रहे थे। इसी का फायदा उठाकर चोरों ने वारदात को अंजाम दिया।

पहले कमरे को किया बंद, फिर तोड़े तीन अलमारी
चोरों ने चोरी करने से पहले कमरे को अंदर से बंद कर दिया था। सुबह जब परिवार के लोग जागे तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। किसी तरह कमरे में प्रवेश करने पर अंदर का सामान अस्त-व्यस्त देखकर सभी हैरान रह गए। कमरे में रखे तीन अलमारी टूटे हुए थे और सामान इधर-उधर बिखरा पड़ा था।
घटना की सूचना मिलने के बाद नगर थाना प्रभारी जगन्नाथ धान और एसडीपीओ दिलीप खलखो पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और चोरी गए सामान का आकलन शुरू किया। फिलहाल कितनी नकदी और कितने जेवरात चोरी हुए हैं, इसकी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, अशोक मोदी की भतीजी मानसी मोदी के अनुसार, चोर करीब 25 लाख रुपये के जेवरात ले गए हैं।
मानसी मोदी ने बताया कि अशोक मोदी के कमरे में सुबह और शाम बच्चे पढ़ाई करते हैं, लेकिन रात में सभी अपने-अपने कमरों में चले जाते हैं। अशोक मोदी का कमरा बंद था। सुबह कमरे में चोरी होने की जानकारी मिली।
कुछ दिन पहले सेवानिवृत्त शिक्षक के घर भी हुई थी चोरी
दुमका शहर में चोरी की यह कोई पहली घटना नहीं है। कुछ दिन पहले शास्त्री नगर मोहल्ले में सेवानिवृत्त शिक्षक पारसनाथ उपाध्याय के घर में भी चोरों ने सेंध लगाई थी। बाद में जरमुंडी थाना क्षेत्र में चोरी की वारदात को अंजाम देने के दौरान स्थानीय लोगों ने एक संदिग्ध को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। उसके पास से उपाध्याय के घर से चोरी किया गया टीवी और बैंक से जुड़े कागजात बरामद हुए थे। हालांकि, करीब सात लाख रुपये नकद और जेवरात का अभी तक पता नहीं चल पाया है।
लगातार चोरी की घटनाओं से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
शहर में लगातार सामने आ रही चोरी की घटनाओं ने पुलिस की रात्रि गश्ती और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह भी है कि यदि रात में नियमित पुलिस गश्ती हो रही है तो चोरों को घर की खिड़की का ग्रिल काटने, अंदर घुसने और गोदरेज तोड़ने तक का समय कैसे मिल रहा है।
जिस तरह घर में परिवार के सदस्य मौजूद होने के बावजूद चोर वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए, उससे शहर की रात की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अब पुलिस के सामने चोरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने और चोरी गए जेवरात बरामद करने की चुनौती है।

