
चक्रधरपुर : दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल अंतर्गत बंडामुंडा इलाके में मंगलवार रात 20 से अधिक हाथियों के झुंड के अचानक आ जाने से हड़कंप मच गया। हाथियों की मौजूदगी के कारण हावड़ा-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर करीब 45 मिनट तक रेल यातायात प्रभावित रहा। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार शाम करीब 7 बजे हाथियों का यह दल डूमेरता अंचल के नॉर्थ चिरुबेड़ा जंगल से निकलकर बंडामुंडा श्मशान घाट और मंगल बाजार के पास पहुंच गया।
हाथियों की सुरक्षा के लिए घटाई गई ट्रेनों की गति
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथियों को वापस खदेड़ने में जुट गई। इसी दौरान झुंड प्रेमनगर गांव के पास खेतों में घुस गया और धान की फसल को नुकसान पहुंचाने लगा। चूंकि यह इलाका रेल लाइन से महज 50 से 100 मीटर की दूरी पर स्थित है, इसलिए सुरक्षा के मद्देनजर रेल प्रशासन ने तुरंत बंडामुंडा पी केबिन और के केबिन के बीच ‘कॉशन ऑर्डर’ लागू कर दिया। रात 8:30 बजे से तड़के 5 बजे तक इस मार्ग से गुजरने वाली सभी ट्रेनों की गति घटाकर 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई।
करीब तीन से चार घंटे तक परिचालन रहा बाधित
हाथियों के कारण मुख्य लाइन पर जहां 45 मिनट तक ट्रेनों की आवाजाही ठप रही, वहीं बंडामुंडा ए केबिन से डूमेरता रेल लाइन के बीच करीब तीन से चार घंटे तक परिचालन बाधित रहा। इस वजह से दो मालगाड़ियां कई घंटों तक ट्रैक पर ही खड़ी रहीं।
वन विभाग ने मशक्कत के बाद हाथियों को खदेड़ा जंगल की ओर
वन विभाग की मशक्कत के बाद बुधवार सुबह लगभग 5 बजे हाथियों के झुंड को सुरक्षित जंगल की ओर खदेड़ा जा सका। इसके बाद सुबह 5:20 बजे कॉशन ऑर्डर हटाकर रेल परिचालन पूरी तरह सामान्य किया गया।
अलग-अलग समूहों में भटक रहा करीब 40 हाथियों का दल
रेल सूत्रों के अनुसार, फिलहाल इस इलाके में करीब 40 हाथियों का दल अलग-अलग समूहों में भटक रहा है। दो दिन पहले भी बंडामुंडा-भालूलता के बीच हाथियों के आने से ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई थी।
Read Also Chaibasa News : चक्रधरपुर में संत जेवियर इंग्लिश स्कूल ने निकाली भव्य स्वच्छता जागरूकता रैली

