
चक्रधरपुर : दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल अंतर्गत ओडिशा क्षेत्र में सीटू द्वारा आहूत बंद का व्यापक असर देखने को मिला। बिमलगढ़ सेक्शन में बुधवार सुबह से शुरू हुए आंदोलन के कारण रेल परिचालन और माल ढुलाई पूरी तरह से बाधित रही। सुबह करीब 7 बजे से ही आंदोलनकारियों ने सेक्शन के चार प्रमुख स्टेशनों बिमलगढ़, रॉक्सी, रांगड़ा और पाटासाही पर पटरियों को जाम कर दिया, जिससे रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। प्रदर्शन के कारण इस मार्ग से गुजरने वाली यात्री ट्रेनों के साथ-साथ मालगाड़ियों के पहिए जहां-तहां थम गए। मालगाड़ियों के खड़े हो जाने से खनिजों की लोडिंग और अनलोडिंग का काम पूरी तरह से ठप हो गया, जिससे रेलवे को भारी राजस्व नुकसान का सामना करना पड़ा।
दिनभर चले हंगामे और ट्रैक जाम के बाद शाम लगभग 5 बजे बिमलगढ़, रॉक्सी और रांगड़ा स्टेशनों पर स्थिति सामान्य हुई और वहां से जाम हटा लिया गया। हालांकि, पाटासाही स्टेशन पर रेक (Rake) से जुड़े एक स्थानीय विवाद को लेकर सीटू कार्यकर्ताओं ने दोबारा विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और रेल ट्रैक को फिर से अवरुद्ध कर दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों के साथ दौर-दर-दौर वार्ता शुरू की। अधिकारियों की कड़ी मशक्कत और आश्वासन के बाद रात लगभग 7:30 बजे पाटासाही स्टेशन से भी आंदोलन समाप्त हुआ। कुल मिलाकर करीब 12 घंटे तक बिमलगढ़ सेक्शन में रेल चक्का जाम रहा।
जाम खत्म होने के तुरंत बाद रेल प्रशासन ने राहत की सांस ली और बाधित रेल सेवाओं को दुरुस्त करने का काम शुरू किया। देर रात तक ट्रेनों और मालगाड़ियों के परिचालन को धीरे-धीरे सामान्य कर लिया गया।

