
चतरा : झारखंड के चतरा जिले में भारी वाहनों की आवाजाही के बीच सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार सुबह सिमरिया-बगरा मुख्य मार्ग पर गोआ पेट्रोल पंप के पास तेज रफ्तार डंपर की चपेट में आने से बाइक सवार एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई। घटना ने एक बार फिर इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही और सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, दुर्घटना सोमवार सुबह करीब छह बजे हुई। बाइक पर सवार दो युवक सिमरिया-बगरा मुख्य मार्ग से गुजर रहे थे। इसी दौरान गोआ पेट्रोल पंप के समीप एक तेज रफ्तार डंपर ने उनकी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी गंभीर थी कि एक युवक ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में घायल युवक की स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
सिमरिया-बगरा सड़क हादसे में एक युवक की मौत
इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले और घायल हुए दोनों युवक चतरा जिले के डाड़ी और बाकचौमा गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में मृतक और घायल युवक की पहचान स्पष्ट रूप से नहीं हो सकी है। सुबह-सुबह हुए इस हादसे से इलाके में शोक का माहौल है। एक युवक की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की खबर से स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है।
सिमरिया-बगरा मुख्य मार्ग पर हुई इस दुर्घटना के बाद सड़क से गुजरने वाले लोगों और आसपास के ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर कोयला लदे भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों के अनुसार, तेज रफ्तार भारी वाहनों के कारण सड़क पर चलने वाले दोपहिया वाहन चालकों और अन्य लोगों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है।
कोयला वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने की मांग
हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जब तक बाईपास सड़क का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक सिमरिया-बगरा मुख्य मार्ग पर कोयला वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई जानी चाहिए। ग्रामीणों ने वैकल्पिक रूप से इन वाहनों के परिचालन के लिए कड़े प्रतिबंध लागू करने की भी मांग उठाई है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बाईपास सड़क का निर्माण पूरा होने से मुख्य मार्ग पर भारी वाहनों का दबाव कम किया जा सकता है। इससे आम लोगों, बाइक चालकों और अन्य छोटे वाहन चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है। ग्रामीण चाहते हैं कि प्रशासन सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए भारी वाहनों के परिचालन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए।
भारी वाहनों की आवाजाही से सुरक्षा पर सवाल
सिमरिया-बगरा मार्ग पर हुई ताजा दुर्घटना ने एक बार फिर भारी वाहनों के परिचालन और आम लोगों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे को सामने ला दिया है। खासकर सुबह के समय सड़क पर चलने वाले स्थानीय लोगों के लिए तेज रफ्तार वाहनों का परिचालन चिंता का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों की मांग है कि दुर्घटनाओं की आशंका को कम करने के लिए प्रशासन इस मार्ग पर यातायात व्यवस्था की समीक्षा करे और आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू करे।

