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Vijayadashami 2026 : विजयादशमी पर क्या करें और क्या न करें? पूजा, शमी पूजन और रावण दहन से जुड़ी जानें जरूरी बातें

by Rakesh Pandey
Vijayadashami 2026
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फीचर डेस्क : विजयादशमी का पर्व धार्मिक आस्था, परंपरा और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है। इस दिन भगवान श्रीराम की रावण पर विजय और मां दुर्गा की महिषासुर पर जीत का उत्सव मनाया जाता है। देशभर में विजयादशमी यानी दशहरा के अवसर पर पूजा-पाठ, शस्त्र पूजन और रावण दहन जैसे आयोजन किए जाते हैं। कई स्थानों पर शमी के पेड़ की पूजा करने और अपने कामकाज में इस्तेमाल होने वाले औजारों का पूजन करने की भी परंपरा है। हालांकि, दशहरा मनाते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। ऐसे में जानिए विजयादशमी 2026 पर क्या करना शुभ माना जाता है, किन कामों से बचना चाहिए और इस पर्व का धार्मिक महत्व क्या है।

विजयादशमी 2026 पर क्या करें? जानें दशहरे की जरूरी परंपराएं

विजयादशमी के दिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा-पाठ करने के साथ परिवार और समाज में सद्भाव बनाए रखने पर जोर दिया जाता है। इस पर्व को नई शुरुआत, साहस और सकारात्मक विचारों से भी जोड़कर देखा जाता है। दशहरे के दिन इन परंपराओं का पालन किया जा सकता है।

1. भगवान श्रीराम और मां दुर्गा की पूजा करें

विजयादशमी के दिन भगवान श्रीराम और मां दुर्गा की पूजा करने की परंपरा है। श्रद्धालु अपनी पारिवारिक और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा-अर्चना करते हैं। इस अवसर पर परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की जाती है। पूजा के दौरान धार्मिक नियमों और अपनी परंपराओं का पालन करना चाहिए।

2. घर के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लें

दशहरा परिवार के साथ खुशियां बांटने और आपसी संबंध मजबूत करने का अवसर भी है। इस दिन घर के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेने की परंपरा है। परिवार के सदस्यों के साथ समय बिताना और आपसी प्रेम बनाए रखना इस त्योहार के सामाजिक महत्व को दर्शाता है।

3. विजयादशमी पर शमी के पेड़ की पूजा करें

विजयादशमी के अवसर पर कई क्षेत्रों में शमी के पेड़ की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, शमी पूजन को शुभ माना जाता है। कुछ परंपराओं में शमी के पत्तों को समृद्धि और मंगलकामना से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, पूजा की विधि और रीति-रिवाज अलग-अलग क्षेत्रों में भिन्न हो सकते हैं।

4. शस्त्र, औजार और कार्य में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं का पूजन करें

दशहरे पर शस्त्र पूजन की भी परंपरा है। कई लोग अपने कामकाज में इस्तेमाल होने वाले औजारों, मशीनों और वाहनों की पूजा करते हैं। इसे अपने कार्य के प्रति सम्मान और सफलता की कामना से जोड़कर देखा जाता है। पूजा करते समय सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए और औजारों या वाहनों का इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए।

5. जरूरतमंदों की सहायता करें

विजयादशमी के अवसर पर जरूरतमंद लोगों की मदद करना और उनके साथ खुशियां बांटना भी महत्वपूर्ण है। अपनी सामर्थ्य के अनुसार भोजन, कपड़े या अन्य आवश्यक वस्तुएं दान की जा सकती हैं। दूसरों के प्रति सहयोग, करुणा और सम्मान का भाव रखना त्योहार के सामाजिक संदेश को मजबूत करता है।

विजयादशमी 2026 पर क्या नहीं करना चाहिए?

दशहरा केवल धार्मिक अनुष्ठानों का पर्व नहीं है, बल्कि यह बुराइयों को त्यागने और अच्छे आचरण को अपनाने का संदेश भी देता है। इस दिन कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

1. लड़ाई-झगड़े और विवाद से बचें

विजयादशमी पर परिवार और आसपास के लोगों के साथ शांतिपूर्ण व्यवहार करना चाहिए। छोटी-छोटी बातों पर विवाद करने या गुस्से में प्रतिक्रिया देने से बचें। दशहरे का संदेश अहंकार, क्रोध और अन्याय से दूर रहने की प्रेरणा देता है। इसलिए आपसी मतभेदों को बातचीत के माध्यम से सुलझाने का प्रयास करना चाहिए।

2. रावण दहन के दौरान सुरक्षा में लापरवाही न करें

दशहरे पर रावण दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मैदानों और सार्वजनिक स्थलों पर जुटते हैं। ऐसे में सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। बच्चों को आग, पटाखों और आतिशबाजी से दूर रखें। रावण दहन के निर्धारित स्थान से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और भीड़ के बीच धक्का-मुक्की न करें। आयोजन स्थल पर प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें।

3. दूसरों की धार्मिक आस्था और परंपराओं का अपमान न करें

भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में विजयादशमी मनाने के तरीके अलग हैं। कहीं रावण दहन होता है, तो कहीं मां दुर्गा की आराधना और अन्य पारंपरिक अनुष्ठान किए जाते हैं। ऐसे में किसी की धार्मिक मान्यता या पूजा पद्धति का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए। सभी की आस्था और परंपराओं का सम्मान करना जरूरी है।

4. बिना पुष्टि के अफवाह न फैलाएं

त्योहारों के दौरान धार्मिक आयोजनों, भीड़ और सुरक्षा से जुड़ी कई तरह की सूचनाएं प्रसारित होती हैं। किसी भी संदेश या खबर की पुष्टि किए बिना उसे दूसरों तक नहीं पहुंचाना चाहिए। भ्रामक जानकारी से लोगों में अनावश्यक चिंता और भ्रम पैदा हो सकता है। इसलिए विश्वसनीय सूचना पर ही भरोसा करना चाहिए।

विजयादशमी का धार्मिक महत्व क्या है?

विजयादशमी को दशहरा भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम ने लंका के राजा रावण का वध कर अधर्म पर विजय प्राप्त की थी। इसी कारण कई स्थानों पर दशहरे के अवसर पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाता है। यह आयोजन बुराई, अहंकार और अन्याय के अंत का प्रतीक माना जाता है।

वहीं, देवी परंपरा में विजयादशमी को मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय से जोड़कर देखा जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों तक मां दुर्गा की पूजा-अर्चना के बाद दसवें दिन विजयादशमी का पर्व मनाया जाता है। इस तरह यह त्योहार शक्ति, धर्म और सत्य की विजय का संदेश देता है।

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