
Jamshedpur : जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज में संचालित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) स्टडी सेंटर में ड्यूटी और वेतन को लेकर अनियमितता के आरोप सामने आए हैं। शिकायत में कॉलेज के शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों पर कॉलेज की निर्धारित समयावधि में उपस्थिति दर्ज कराने के साथ इग्नू की परीक्षा ड्यूटी करने और दोनों जगह से भुगतान लेने का आरोप लगाया गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त के निर्देश पर जिला शिक्षा पदाधिकारी, पूर्वी सिंहभूम को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।
बीएड विभाग के सहायक प्राध्यापक ने की शिकायत
इस मामले में को-ऑपरेटिव कॉलेज के बीएड विभाग के सहायक प्राध्यापक कार्तिक चंद्र साव ने जिला प्रशासन से शिकायत की है। उनका कहना है कि रविवार को इग्नू की कक्षाएं या अन्य कार्य करने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन कॉलेज की नियमित कार्यावधि में बिना आकस्मिक अवकाश या अन्य स्वीकृत छुट्टी के इग्नू की परीक्षा ड्यूटी करना नियमों के विपरीत है।
शिकायत के अनुसार, दिसंबर 2025 और जून 2026 की इग्नू परीक्षाओं के दौरान कुछ शिक्षक और कर्मचारी कॉलेज में हाजिरी दर्ज कराने के साथ परीक्षा संबंधी कार्यों में भी शामिल रहे। आरोप है कि इस दौरान दोनों संस्थानों से भुगतान भी लिया गया। शिकायतकर्ता ने संबंधित कर्मचारियों की ड्यूटी और भुगतान के रिकॉर्ड की जांच करने की मांग की है।
डीसी के निर्देश पर डीईओ को कार्रवाई का जिम्मा
शिकायत पर जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया है। पूर्वी सिंहभूम के जिला दंडाधिकारी एवं उपायुक्त कार्यालय की विधि-व्यवस्था शाखा से जारी पत्रांक 1170, डॉकेट नंबर 16643 के तहत मामले को जिला शिक्षा पदाधिकारी के पास भेजा गया है। अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था) ने नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
प्राचार्य को पहले भी दी गई थी जानकारी
शिकायतकर्ता के मुताबिक, इस मामले को लेकर 30 सितंबर 2026 को कॉलेज के प्राचार्य को लिखित आवेदन और ईमेल के माध्यम से जानकारी दी गई थी। उनका आरोप है कि कॉलेज स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि करीब पांच वर्ष पहले तत्कालीन प्राचार्य डॉ. वीके सिंह ने इस तरह की दोहरी ड्यूटी पर रोक लगाने के लिए नोटिस जारी किया था। उस समय इग्नू से संबंधित कार्य करने के लिए कॉलेज से आधिकारिक अवकाश लेना अनिवार्य बताया गया था।
वेतन कटौती और विभागीय कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि बिना अवकाश लिए एक ही समय में कॉलेज और इग्नू की ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों के कार्य और भुगतान की जांच की जाए। यदि अनियमितता प्रमाणित होती है, तो संबंधित अवधि के वेतन की कटौती और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए।
उन्होंने दिसंबर 2026 में होने वाली इग्नू परीक्षाओं के दौरान भी ऐसी स्थिति रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।
प्राचार्य ने आरोपों पर क्या कहा?
को-ऑपरेटिव कॉलेज के प्राचार्य कृष्ण प्यारे ने आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कॉलेज में कोई भी काम नियमों के विरुद्ध नहीं होता है। उन्होंने शिकायत के संबंध में कहा कि शिकायतें की जाती रहती हैं।
फिलहाल, मामले में जांच और प्रशासनिक कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता सामने आ सकेगी।

