
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के तांतनगर थाना अंतर्गत एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां जंगली हाथी के आक्रामक हमले में एक युवा की जान चली गई। जान गंवाने वाले युवक की शिनाख्त रायकोला गांव के रहने 22 वर्ष करन गोप के रूप में हुई है। हादसे के पांच दिनों के अंतराल के पश्चात,शनिवार की शाम स्थानीय पुलिस ने वन क्षेत्र से उसका क्षत-विक्षत शव अपने कब्जे में लिया।
प्राप्त विवरण के मुताबिक, बीते रविवार को करन गोप अपने खेतों की तरफ गया हुआ था। इसी अंतराल में, जंगल से भटका हुआ एक आक्रामक जंगली हाथी वहां आ पहुंचा और उसने युवक को अपनी चपेट में ले लिया। हाथी ने उसे अपनी सूंड से जकड़कर जमीन पर जोर से पटक दिया, जिससे उसकी प्राण पखेरू वहीं उड़ गए। वारदात को अंजाम देने के बाद हाथी वापस जंगलों की ओर लौट गया। दूसरी तरफ, जब युवक काफी समय बीतने के बाद भी अपने घर नहीं लौटा, तो उसके घरवाले गहरी चिंता में डूब गए। उन्होंने पूरे गांव, समीपवर्ती खेतों तथा जंगलों में उसकी गहन तलाश की, मगर उसका कोई सुराग हाथ नहीं लगा। स्वजन निरंतर उसकी खोजबीन में सक्रिय रहे।
शुक्रवार की सांझ को स्थानीय लोगों को जंगल के भीतर एक सड़-गल चुका शव होने की खबर मिली। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए तांतनगर थाना की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मृत शरीर को अपने नियंत्रण में लेकर गांव वापस लाई। शिनाख्त करने पर वह शव करन गोप का ही निकला।पुलिस शनिवार के मृत शरीर को परीक्षण हेतु सदर अस्पताल, चाईबासा लेकर पहुंची। हालांकि, शव की अत्यधिक खराब स्थिति और गल जाने की वजह से चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम के वास्ते उसे जमशेदपुर स्थित एमजीएम अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
पीड़ित परिवार ने बताया कि मृतक का विवाह महज एक वर्ष पूर्व ही संपन्न हुआ था और उसकी पत्नी इस समय सात माह की गर्भवती है। रविवार के दिन वह खेत जाने की बात कहकर घर से निकला था, जिसके उपरांत वह कभी वापस नहीं लौट सका,क्षेत्रीय वासियों का कहना है कि इलाके में जंगली हाथियों का खौफ लगातार बढ़ता जा रहा है। ये गजराज अक्सर क्षेत्रों में अचानक आकर फसलों को तबाह कर देते हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग के समक्ष पुरजोर मांग रखी है कि इन हाथियों को सुरक्षित रूप से घने जंगलों में खदेड़ा जाए और क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए जाएं।

