

रांची : राजधानी रांची समेत आसपास के जिलों में मंगलवार को उमड़ घुमड़ बदरा छा गए। दोपहर करीब 3 बजे कुछ पल के लिए आसमान में अंधेरा छा गया। इसके बाद हुई मानसून की पहली वर्षा ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है वहीं मौसम विज्ञान केंद्र रांची के वरीय विज्ञानी अभिषेक आनंद ने मेघ गर्जन के साथ वज्रपात होने की चेतावनी दी है।

करीब एक सप्ताह की देरी से झारखंड में मानसून ने दस्तक दे दी है। कई जिलों में वर्षा शुरू हो गई है। अभिषेक आनंद ने बताया कि झारखंड में दक्षिणी पश्चिमी मानसून का प्रवेश हो गया है।

बता दें कि संथाल परगना इलाके से कारे बदरा ने प्रवेश किया और सोमवार को हल्की बूंदाबांदी के बाद मंगलवार को जमकर बरसे। राजधानी रांची में वर्षा के बाद मौसम सुहावना हो गया है। रांची के तापमान भी 35 डिग्री से गिरकर 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। तेज सतही हवा से जहां नमी बनी है वहीं वर्षा के बाद ठंड का एहसास भी होने लगा है।

मौसम विभाग की माने तो अगले पांच दिनों तक राज्य में हल्की व मध्यम दर्जे की वर्षा होने की संभावना है। अगले दो दिन तक रांची समेत जमशेदपुर, गुमला, लातेहार, लोहरदगा, हजारीबाग, रामगढ़, बोकारो समेत अन्य जिलों में वर्षा के साथ मेघ गर्जन और वज्रपात को ले मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी कर दिया है। बता दें कि राजधानी समेत अन्य जिलों में हुई वर्षा से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। अब यह मानसून राज्य के कई इलाकों में धीरे धीरे पहुंच जाएगा। मानसून के प्रवेश करते ही तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
किसानी को मिलेगा फायदा :
मौसम विभाग ने 21 और 22 जून को भारी वर्षा होने की संभावना जताई है। मृदा विज्ञानी डा डीके शाही बताते हैं कि भले ही मानसून राज्य में देर से प्रवेश किया है लेकिन इस वक्त की वर्षा किसानों के लिए बड़ी राहत देने वाली साबित हो सकती है।
इस वर्षा से किसानी को काफी फायदा पहुंचेगा। जिन खेतों में दरारें पड़ चुकी थी वहां की मिट्टी अब नम हो चुकी है। एकाध वर्षा इसी तरह हुई तो खेत में जलजमाव होगा। जिसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा। कहा कि अगर अबकी बार अच्छी वर्षा नहीं हुई तो कई इलाकों में जल संकट और गहरा जाएगा। मौसम विभाग की ओर से राज्य में इस वर्ष सामान्य वर्षा होने की संभावना जताई गई है।
सजग और सतर्क रहने की दी सलाह :
मौसम विज्ञान केंद्र रांची ने येलो अलर्ट वाले जिलों के लोगों से मौसम साफ होने तक सतर्क रहने को कहा है। इस दौरान किसानों से खेत में नहीं जाने का आग्रह किया गया है। मौसम विभाग ने वज्रपात के दौरान बिजली के तार या खंभों के नीचे नहीं रहने, पेड़ के नीचे रहने और किसानों व पशुपालकों को भी वर्षा के दौरान बाहर न निकलने की सलाह दी है।
