

राउरकेला : शहर की अग्रणी साहित्यिक संस्था बसंती लाइब्रेरी ने पुस्तकालय परिसर में अपना मासिक साहित्यिक समारोह आयोजित किया। संस्था के अध्यक्ष एवं प्रधान संपादक विक्रमचंद्र आचार्य की अध्यक्षता एवं सुबासिनी साहू के संचालन में कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में पत्रकार संघ के उपाध्यक्ष एवं कवि कुंजबिहारी राउत मुख्य अतिथि थे। इस दौरान कहा कि कुंज बिहारी राऊत ने कहा कि शब्दों का संयम ही साहित्य है।

साहित्य और पत्रकारिता एक दूसरे के पूरक हैं। भाषा बढ़ेगी तो साहित्य भी बढ़ेगा, वैसे भी खबरों के लिए साहित्य बड़ा हो गया है। साहित्य में अखबार का योगदान अद्वितीय है। इससे उन्होंने सही और गलत शब्दों में फर्क बताया गया।

इस मौके पर स्तंभकार भूपेन महापात्र ने ‘सरकार’ और संजीव कुमार भोई ने ‘पदर मां’ शीर्षक से कहानी पढ़ी। कवयित्री उर्वशी दास पति एवं रश्मि साहू के संयोजन में आयोजित काव्य पाठ कार्यक्रम के दूसरे चरण में रवीन्द्रनाथ मोहंती, उपेन्द्र बस्तिया, सुमिता स्वैन, कांतिता दाश, कुंजबिहारी राउत एवं सुभासिनी साहू ने काव्य पाठ किया।

डा. सुमनदत्त, डॉ. शक्ति प्रसाद ने काव्य पाठ किया। सामंथराय, किशोरी मोहन कर, सौदामिनी मिश्रा, ममता महापात्र, रीना पांगे, गीतांजलि महापात्र, शुकदेव साहू, श्रीकांत मणिगराही, रवीन्द्र ठाकुर, कविता दाश, कमला आचार्य उपस्थित थे।
