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UGC : असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति नियमावली बदली, जानिए अब क्या होगी “नियुक्ति की न्यूनतम योग्यता”

by Rakesh Pandey
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नई दिल्ली: यूनिवर्सिटी ग्रांड कमिशन (यूजीसी) ने असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए मिनिमम क्राइटेरिया तय कर दी है। यूजीसी ने इसकी जानकारी न्यूज एंजेसी एएनआई के माध्यम से दी है। आयोग ने अपनी सूचना में कहा है कि सभी उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए सहायक प्रोफेसर के पद पर सीधी भर्ती के लिए न्यूनतम मानदंड तय हो गया है।

इसके तहत असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए न्यूनतम योग्यता के रूप में NET या SET या SLET पास करना जरूरी होगी। इन परीक्षाओं को पास करने वाले उम्मीदवारों को सीधे असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर नौकरी दी जाएगी।

इस संबंध में यूजीसी के चेयरमैन एम जगदीश कमार ने भी ट्वीट किया है। ट्वीट के जरिए उन्होंने बताया है कि विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक यानी असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए पीएचडी वैकल्पिक योग्यता मानदंड बना रहेगा। जबकि NET/ SET/ SLET अनिवार्य योग्यता रहेगी।

2021 वाले नियुक्ति से संबंधित बदलाव रद्द

यूजीसी रेगुलेशन 2018 में बदलाव करते हुए यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति को लेकर नियम बदले गए हैं। अब इन्हें यूजीसी रेगुलेशन 2023 के तहत बदल दिए गए है। नए नियमों के अनुसार, सभी हायर एकेडमिक इंस्टिट्यूट्स में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद के लिए मिनिमम क्राइटोरिया NET या SET या SLET हो गई है। वहीं साल 2021 में किए गए नियुक्ति से संबंधित बदलावों को भी रद्द कर दिया गया है।

1 जुलाई से प्रभावि हो गया है नियम

यूजीसी की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह नियम 1 जुलाई 2023 से ही देश के सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों, राज्य विश्वविद्यालयों, डीम्ड विश्वविद्यालयों और निजी विश्वविद्यालयों में लागू कर दिए जाएंगे। ऐसे में अब नियुक्ति के लिए जो भी विज्ञापन जारी होगा वह इस नियम के तहत ही होगा।

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पहले क्या थी सहायक प्रोफेसर बनने की प्रक्रिया

UGC के अनुसार विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए पूर्व में जारी नियमों के किसी भी उम्मीदवार को संबंधित विषय में न्यूनतम 55 फीसदी अंकों के साथ पीजी और यूजीसी नेट या यूजीसी-सीएसआईआर नेट या सेट या स्लेट परीक्षा पास करना होता था। इसके अलावा संबंधित विषय में पीएचडी करना भी जरूरी था।

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