रांची: राजधानी के पिस्का मोड़ स्थित जतरा मैदान नॉर्थ श्री हेसल हनुमान मंदिर के सामने आयोजित सात दिवसीय श्रीमद भागवत ज्ञान कथा का मंगलवार को भव्य समापन हुआ। अंतिम दिन कथा स्थल पर भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। कथा की शुरुआत यजमान संजीव कुमार सिंह (चुन्नू सिंह) और उनकी धर्मपत्नी संगीता सिंह द्वारा आरती के साथ की गई। प्रयागराज से आए सुप्रसिद्ध कथा वाचक आचार्य अतुल द्विवेदी जी महाराज ने श्रीकृष्ण के 16108 विवाह, सुदामा चरित्र, पौंड्रक उद्धार, उद्धव संवाद, स्वधाम गमन और भागवत सार पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने नरकासुर वध और कन्याओं की मर्यादा रक्षा हेतु भगवान श्रीकृष्ण द्वारा 16000 रूपों में प्रकट होकर विवाह करने की कथा सुनाई। साथ ही सुदामा-कृष्ण की मित्रता को सामाजिक समानता की मिसाल बताया।
आचार्य ने कहा कि भागवत कथा सुनना और इसे जीवन में उतारना आत्मा के उद्धार का मार्ग है। उन्होंने कृष्णाय वासुदेवाय… मंत्र के नियमित जाप से घर में सुख-शांति बनाए रखने की सलाह दी। कार्यक्रम के प्रभारी अमृतेश पाठक और बिरेंद्र प्रसाद (बिल्लू जी) ने बताया कि बुधवार को पूर्णाहुति और हवन के बाद संध्या 5 बजे से भव्य भंडारे का आयोजन होगा। आयोजन में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय सहित कई गणमान्य अतिथि और सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। आयोजन को सफल बनाने में सुनील सिंह, मनमोहन पांडेय, नीतू सिंह समेत कई कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका रही।


