जमशेदपुर : झारखंड में छात्र हित में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत सरकार ने निर्णय लिया है कि राज्य के सभी विश्वविद्यालयाें के अंतर्गत आने वाले अंगीभूत काॅलेजाें में फिलहाल इंटर की पढ़ाई पूर्व की तरह होती रहेगी। छात्रों की कठिनाइयों को देखते हुए स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव की अध्यक्षता में झारखंड अधिविद्य परिषद के अध्यक्ष एवं सचिव की बैठक में निर्देश दिया गया कि राज्य के अंगीभूत एवं डिग्री संबद्ध महाविद्यालयों में सत्र 2023-24 में इंटरमीडिएट की पढ़ाई जारी रहेगी।

जारी निर्देश में कहा गया है कि यदि किसी भी जिला या क्षेत्र में माध्यमिक परीक्षा -2023 में उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को इंटरमीडिएट कक्षा में नामांकन लेने में कठिनाई हो, तो पूर्व के वर्षों की भांति अंगीभूत एवं डिग्री संबद्ध महाविद्यालय में इंटरमीडिएट कक्षा 11वीं में नामांकन ले सकते हैं।
माध्यमिक परीक्षा -2023 में चार लाख से ज्यादा विद्यार्थी रहे हैं सफल
विदित हाे कि इस वर्ष जैक की मैट्रिक परीक्षा में चार लाख से अधिक विद्यार्थी पास हुए थे। इसमें से अधिकतर विद्यार्थी 11वीं में दाखिला अंगीभूत काॅलेजाें में संचालित इंटरमीडिएट में लेते हैं। लेकिन नई शिक्षा नीति का हवाला देते हुए काॅलेजाें ने इंटर नामांकन की प्रक्रिया काे राेक दिया था। जिसकी वजह से करीब 90 हजार छात्र एडमिशन के लिए इधर से ऊधर भटक रहे थे।
इसी वजह से स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने छात्र हित को ध्यान में रखते हुए अंगीभूत एवं डिग्री संबद्ध महाविद्यालयों में इंटरमीडिएट में विद्यार्थियों का नामांकन और पढ़ाई जारी रखने का फैसला किया है।
5 हजार शिक्षकाें काे राहत:
सरकार के इस फैसले से राज्य में अंगीभूत एवं संबद्ध डिग्री महाविद्यालयों में इंटरमीडिएट में पढ़ाने वाले करीब 5 हजार शिक्षकाें काे भी राहत मिली है। ये शिक्षक अपनी नाैकरी जाने के डर से आंदोलन करते हुए समायाेजन की मांग कर रहे थे। ऐसे में सरकार ने अपने इस फैसले से छात्राें के साथ ही शिक्षकाें व शिक्षकेत्तर कर्मचारियाें काे भी राहत दी है।

