नई दिल्ली: दिवाली का त्योहार जहां भारतीय उपमहाद्वीप में धूमधाम से मनाया जाता है, वहीं पाकिस्तान में भी इस अवसर पर कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। पाकिस्तान के पंजाब के मुख्यमंत्री मरियम नवाज शरीफ ने अल्पसंख्यक हिंदू और सिख समुदाय के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। इस फैसले के तहत, पंजाब सरकार 2,200 हिंदू और सिख परिवारों को 10,000 पाकिस्तानी रुपये (लगभग 3,000 भारतीय रुपये) वितरित करेगी, ताकि वे अपने धार्मिक त्योहारों का आनंद उठा सकें।
सरकारी सहायता की पहल
पंजाब सरकार के प्रवक्ता के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे ‘त्योहार कार्ड’ के माध्यम से इन परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करें। यह योजना हर साल दिवाली और गुरु नानक जयंती के अवसर पर लागू होती है। इस साल दिवाली 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक मनाई जाएगी, जबकि गुरु नानक जयंती 15 नवंबर को होगी।
इस पहल का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदायों को उनके धार्मिक त्योहारों को मनाने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है, जो कि पाकिस्तान में महत्वपूर्ण है, जहां अल्पसंख्यकों पर अत्याचार और भेदभाव की खबरें अक्सर आती हैं।
बलूचिस्तान का ऐलान
बलूचिस्तान सरकार ने भी हिंदू कर्मचारियों के लिए दिवाली के अवसर पर 3 दिन की छुट्टी का ऐलान किया है। इस नोटिफिकेशन के अनुसार, हिंदू सरकारी कर्मचारी गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को छुट्टी प्राप्त करेंगे। इसके साथ ही, रविवार की साप्ताहिक छुट्टी मिलाकर कुल चार दिन की छुट्टी होगी। यह कदम हिंदू कर्मचारियों को अपने त्योहार को उचित तरीके से मनाने का अवसर प्रदान करता है।
गुरु नानक जयंती और भारत से श्रद्धालु
गुरु नानक जयंती के मौके पर हर साल बड़ी संख्या में भारतीय श्रद्धालु पाकिस्तान आते हैं। करतारपुर कॉरिडोर के माध्यम से बिना वीजा के यह यात्रा संभव होती है, जिसमें श्रद्धालु सिर्फ सेवा शुल्क के तौर पर 20 डॉलर का भुगतान करते हैं। भारत सरकार ने एक बार फिर पाकिस्तान से इस शुल्क को माफ करने की अपील की है, ताकि अधिक श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा का लाभ उठा सकें।
समग्र प्रभाव
पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय के लिए किए गए ये प्रयास निश्चित रूप से महत्वपूर्ण हैं। यह न केवल धार्मिक सहिष्णुता को बढ़ावा देता है, बल्कि अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा की दिशा में भी एक कदम है। ऐसे समय में जब अल्पसंख्यक समुदायों पर अत्याचार की खबरें आती हैं, इस प्रकार के सकारात्मक कदम एक नई आशा का संचार करते हैं।
इस दिवाली, पाकिस्तान के हिंदू और सिख समुदाय को दी जाने वाली यह वित्तीय सहायता और छुट्टियों का ऐलान उन्हें अपने त्योहारों को मनाने के लिए एक नई ऊर्जा प्रदान करेगा। यह न केवल उनकी धार्मिक पहचान को सम्मानित करता है, बल्कि उनके अधिकारों की भी पुष्टि करता है।
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