
रांची : झारखंड में नगर विकास से जुड़ी आधारभूत संरचना परियोजनाओं को केंद्र सरकार की ओर से राज्यों को पूंजीगत निवेश के लिए विशेष सहायता योजना के तहत वित्तीय सहायता मिलने का रास्ता साफ हो गया है। इस राशि का उपयोग शहरी सुधार, आधारभूत ढांचा मजबूत करने और भूमि अभिलेखों के आधुनिकीकरण पर किया जाएगा।
हाल में हुई उच्चस्तरीय बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग तथा राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग को आपसी समन्वय से तय सुधारात्मक कार्य समयबद्ध ढंग से पूरा करने का निर्देश दिया गया, ताकि राज्य को प्रोत्साहन राशि मिल सके। निकाय चुनाव के बाद वित्त आयोग से अतिरिक्त राशि प्राप्त करने की तैयारी भी की जा रही है।
तीन चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया
प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिए तीन प्रमुख चरण तय किए गए हैं—
हवाई सर्वेक्षण और मानचित्रण (विशेष विवरण चिह्नांकन सहित) – अनुमानित लागत 10 से 30 करोड़ रुपये
रोवर और डिफरेंशियल जीपीएस के माध्यम से फील्ड सर्वे तथा जमीनी सत्यापन – अनुमानित लागत 10 से 30 करोड़ रुपये
दावा-आपत्ति निवारण और अंतिम मानचित्र का प्रकाशन – अनुमानित लागत 10 से 30 करोड़ रुपये
इन चरणों के पूरा होने पर राज्य को पूंजीगत निवेश के लिए प्रोत्साहन अनुदान मिलेगा।
तीन शहरी निकायों का चयन
प्रारंभिक चरण में विश्रामपुर, लोहरदगा और रामगढ़ का चयन किया गया है। इन क्षेत्रों में सर्वे, मानचित्रण और भूमि अभिलेख अद्यतन की प्रक्रिया शुरू होगी।
109 करोड़ रुपये का प्रस्ताव
बैठक में बताया गया कि केंद्र प्रायोजित योजनाओं में राज्यांश के अंतर्गत शहरी और ग्रामीण आधारभूत संरचना परियोजनाओं के लिए प्रस्ताव मिले हैं। नगर विकास विभाग ने 109 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा है। , जबकि ग्रामीण कार्य विभाग ने 910 करोड़ रुपये का प्रस्ताव दिया है।
शहरी विकास को मिलेगी नई गति
विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना से सड़क, नाली, जलनिकासी, भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण और डिजिटल मानचित्रण जैसे कार्य तेज होंगे। इसके साथ ही संपत्ति-कर संग्रह, शहरी नियोजन और अतिक्रमण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
राज्य सरकार का लक्ष्य तय समय में सभी चरण पूरे कर केंद्र से अधिकतम प्रोत्साहन राशि प्राप्त करना है।
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