
रांची : झारखंड गठन के 25 वर्ष बाद पेसा (पंचायत उपबंध अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) नियमावली को लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मंत्रिमंडल से स्वीकृति मिलने के बाद अब इसे प्रभावी ढंग से धरातल पर लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पेसा नियमावली के तहत अनुसूचित क्षेत्रों में पारंपरिक ग्राम प्रधानों के चयन और उनसे जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसका उद्देश्य ग्राम सभाओं को अधिक अधिकार संपन्न बनाना और स्थानीय परंपराओं के अनुरूप स्वशासन को मजबूत करना है।
नई व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया है। इसके तहत प्रत्येक ग्राम सभा में एक स्थानीय महिला को सहायक सचिव बनाए जाने का प्रावधान किया गया है। इससे शिक्षित स्थानीय महिलाओं को नेतृत्व की भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा और वे गांव की जरूरतों एवं विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगी।
सरकार का मानना है कि पेसा नियमावली के प्रभावी क्रियान्वयन से अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं की भूमिका और अधिकार मजबूत होंगे। साथ ही, स्थानीय समुदाय की भागीदारी बढ़ेगी तथा विकास योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि पेसा नियमावली को पूरी प्रभावशीलता के साथ जल्द से जल्द धरातल पर लागू करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि अनुसूचित क्षेत्रों में स्वशासन की संवैधानिक व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।

