
Jamshedpur : छात्र आंदोलन के दौरान स्थिति को संयम और जिम्मेदारी के साथ संभालने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों एवं जवानों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों को अपनी मांगों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाने का पूरा अधिकार है और सरकार उनकी बात सुनने तथा समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने उनकी मांगों को गंभीरता से सुना है। सरकार के वरिष्ठ मंत्री लगातार छात्रों के साथ संवाद कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि छात्रों की मांगों पर पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि किसी भी मामले में दोषी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार का उद्देश्य परीक्षा व्यवस्था में मौजूद कमियों को दूर करना है, ताकि भविष्य में किसी भी छात्र को परेशानी का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार परीक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने की दिशा में काम कर रही है। इस बदलाव में छात्रों की भागीदारी को उन्होंने सबसे महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि झारखंड को केवल समस्याओं की चर्चा करने वाला राज्य नहीं, बल्कि समस्याओं के समाधान की नई मिसाल कायम करने वाला राज्य बनाना सरकार का प्रयास है।
मुख्यमंत्री ने आंदोलन के बीच विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के कुछ लोगों ने राजनीतिक लाभ के लिए माहौल बिगाड़ने और छात्रों को भटकाने की कोशिश की। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे किसी भी राजनीतिक नैरेटिव के बहकावे में न आएं और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखते रहें।
मुख्यमंत्री ने कहा, “आप झारखंड का भविष्य हैं। आपकी आवाज को नजरअंदाज करना नहीं, बल्कि उसे सुनना और आपकी समस्याओं का समाधान करना हमारी जिम्मेदारी है।”
उन्होंने अंत में छात्रों से संवाद और विश्वास के माध्यम से इस पूरे मुद्दे का समाधान निकालने की अपील की।

