
चाईबासा : भारतीय जनता पार्टी की ओर से पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत चाईबासा स्थित कैफेटेरिया में मंगलवार को ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ विषय पर प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता के मुख्य वक्ता झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता चंपाई सोरेन ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस आंदोलन और विरोध प्रदर्शन के नाम पर देश में अराजकता फैलाने तथा राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बनाने का प्रयास कर रही है। चुनाव में वोट चोरी के आरोप लगाकर लगातार निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं, जबकि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ संचालित की जा रही है।
चंपाई सोरेन ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक योग्य नागरिक को मतदान का अधिकार मिलना चाहिए और किसी भी वास्तविक मतदाता को उसके मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। लेकिन अवैध रूप से देश में रह रहे लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं होने चाहिए। एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाना है। उन्होंने कांग्रेस पर इस प्रक्रिया को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
संथाल परगना में घुसपैठ और जमीन पर कब्जे का उठाया मुद्दा
पूर्व मुख्यमंत्री ने झारखंड की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि राज्य के संथाल परगना क्षेत्र में बांग्लादेशी घुसपैठ एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। उन्होंने धर्मांतरण और घुसपैठ को झारखंड के सामने मौजूद बड़ी चुनौतियां बताते हुए आरोप लगाया कि इसके कारण आदिवासी समाज की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि सीएनटी कानून के तहत संरक्षित आदिवासियों की हजारों एकड़ जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतें सामने आ रही हैं। राज्य सरकार को इस दिशा में गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि आदिवासियों के संवैधानिक और कानूनी अधिकार सुरक्षित रह सकें।
कांग्रेस पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप
चंपाई सोरेन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद की कार्यवाही बाधित करने और विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शनों के माध्यम से देश में अस्थिरता का माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और आंदोलन का अधिकार सभी को है, लेकिन इसके नाम पर संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाना और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े करना उचित नहीं है।
अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में हुआ झारखंड का गठन
झारखंड राज्य के गठन का उल्लेख करते हुए चंपाई सोरेन ने कहा कि अलग झारखंड राज्य का निर्माण लंबे संघर्ष और आदिवासी समाज की जनभावनाओं का परिणाम था। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने आदिवासी जनभावनाओं का सम्मान करते हुए झारखंड राज्य का गठन किया। उन्होंने कहा कि यदि उस समय अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार नहीं होती तो अलग झारखंड राज्य का सपना साकार होने में और विलंब हो सकता था। भाजपा ने झारखंड की जनता की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करने का ऐतिहासिक कार्य किया।
झामुमो-कांग्रेस सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर हमला
राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने झामुमो-कांग्रेस सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि झारखंड में आतंकवादी संगठनों से कथित तौर पर जुड़े संदिग्धों की गिरफ्तारी, महिलाओं के विरुद्ध बढ़ते अपराध और नशाखोरी जैसी घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। राज्य में अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण की जरूरत है, लेकिन वर्तमान सरकार इन चुनौतियों से निपटने में अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की कमजोर कार्यशैली के कारण राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है।
प्रेस वार्ता के माध्यम से चंपाई सोरेन ने भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के उद्देश्यों को भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती, मतदाता सूची की शुद्धता, आदिवासियों के अधिकारों की सुरक्षा और राज्य में बेहतर कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है।
भाजपा के कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
प्रेस वार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष गीता बालमुचू, पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई, वरिष्ठ नेता जे.बी. तुबिद, जिला महामंत्री भूषण पाट पिंगुवा, पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश पुरी, मनीष राम, हेमंत केशरी सहित पार्टी के अनेक वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन जिला मीडिया प्रभारी जितेंद्र नाथ ओझा ने किया।

