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CBSE Board Exam 2026-27: 10वीं-12वीं के छात्र- छात्राओं के लिए करेक्शन विंडो ओपन, गलती सुधारने का सुनहरा मौका

​पासपोर्ट और मार्कशीट के नाम में जरा सी चूक पड़ी भारी, तो विदेश में पढ़ाई का सपना रह जाएगा अधूरा!

by Kanchan Kumar
CBSE LOC Correction Window 2026-27
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रांची: ​अगर आप भी झारखंड या देश के किसी अन्य हिस्से में स्थित सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूल के विद्यार्थी हैं और आगामी 2026-27 सत्र की बोर्ड परीक्षाओं में बैठने वाले हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद काम की है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन ने कक्षा 10वीं और 12वीं के स्टूडेंट्स के लिए एलओसी (List of Candidates) करेक्शन विंडो आधिकारिक तौर पर खोल दी है। यदि फॉर्म भरते समय छात्र के नाम, माता-पिता के नाम, जन्मतिथि या विषयों के चयन में कोई भी गलती रह गई है, तो आपके पास उसे ठीक करवाने के लिए सिर्फ 7 नवंबर तक का ही समय बचा है।

ये जानकारियां हो सकेंगी दुरुस्त

​बोर्ड की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक, स्कूल प्रबंधन इस निर्धारित समयसीमा के भीतर निम्नलिखित विवरणों में सुधार कर सकता है:
​छात्र या छात्रा का पूरा नाम।
​माता-पिता या अभिभावक का नाम (स्पेलिंग की गलतियां)।
​जन्मतिथि।
​कक्षा 10वीं और 12वीं के लिए चुने गए विषयों का कॉम्बिनेशन।

​विदेश जाने का है सपना है तो जरूर बरतें ये विशेष सावधानी

​सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने अभिभावकों और स्कूलों को खास हिदायत दी है कि वे बच्चों के दस्तावेजों की जांच में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें। नाम लिखते समय शॉर्टकट या संक्षिप्त रूपों के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी गई है।
​खास तौर पर उन स्टूडेंट्स के लिए यह बहुत अहम है जो भविष्य में उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाना चाहते हैं।

बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि छात्र के सभी शैक्षणिक दस्तावेजों और उनके पासपोर्ट में नाम व जन्मतिथि एक समान होनी चाहिए। इसलिए, फॉर्म सबमिट करने से पहले पासपोर्ट में दर्ज डेटा से इसका मिलान जरूर कर लें, ताकि बाद में वेरिफिकेशन के वक्त किसी मुश्किल का सामना न करना पड़े।

​समय रहते करें क्रॉस-चेक, दोबारा नहीं मिलेगा मौका

​स्कूलों द्वारा एलओसी जमा करने के बाद छात्रों को एक डेटा वेरिफिकेशन स्लिप दी जाती है। बोर्ड ने अभिभावकों से अपील की है कि वे इस पर्ची में लिखे एक-एक शब्द को बारीकी से जांच लें।

​साथ ही, बोर्ड ने यह भी साफ कर दिया है कि एक बार यह करेक्शन विंडो बंद हो गई, तो इसके बाद किसी भी परिस्थिति में संशोधन का दूसरा मौका नहीं दिया जाएगा। खासकर विषय बदलने के अनुरोध इसके बाद बिल्कुल स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इसलिए समय रहते अपने स्कूल से संपर्क कर इस प्रक्रिया को पूरा कर लें।

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