
चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के चिरिया ओपी अंतर्गत एक अत्यंत संवेदनशील और शर्मनाक मामला प्रकाश में आया है। यहां एक 14 वर्षीय नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म और यौन शोषण की वीभत्स घटना सामने आई है। यह जघन्य कृत्य जून के महीने में अंजाम दिया गया था, लेकिन इसका खुलासा तब हुआ जब अचानक पीड़िता की तबीयत अत्यधिक खराब हो गई। इसके पश्चात, स्थानीय ग्रामीणों की मदद से पीड़ित परिवार ने सोमवार को थाने पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई, जिसके आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच नामजद आरोपियों के विरुद्ध पोक्सो अधिनियम एवं अन्य सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अब तमाम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।
घटना का विवरण इस प्रकार
पुलिस को दी गई लिखित शिकायत के अनुसार, बीती जून माह में चौदह वर्षीय पीड़िता किसी कार्यवश अपने घर के समीप स्थित नदी की ओर गई हुई थी। इसी दौरान घात लगाए बैठे इलाके के चार युवकों ने उसे अकेली पाकर बलपूर्वक एक सुनसान स्थान पर खींच लिया और बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के बाद पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी और सख्त हिदायत दी कि यदि उसने मुंह खोला तो अंजाम बुरा होगा। डरी-सहमयी बच्ची ने खौफ के कारण इस घटना की जानकारी अपने घर में किसी को नहीं दी।
एक अन्य दोस्त ने भी बनाया हवस का शिकार
शिकायत पत्र में यह भी सनसनीखेज खुलासा किया गया है कि उक्त चारों आरोपियों के एक अन्य दोस्त को जब इस काले कारनामे की भनक लगी, तो उसने भी अपनी दबंगई दिखाते हुए कुछ हफ्तों के अंतराल पर नाबालिग को अपनी हवस का शिकार बनाया। लगातार मिल रही धमकियों और डरावने माहौल के कारण पीड़िता अंदर से पूरी तरह टूट चुकी थी और उसने इस बारे में परिजनों से कुछ नहीं कहा।
स्वास्थ्य बिगड़ने पर खुला राज
बीते कुछ दिनों से पीड़िता की शारीरिक स्थिति लगातार बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिजनों ने उससे पूछताछ की। तब जाकर उसने आपबीती सुनाई। इसके तुरंत बाद ग्रामीणों के सहयोग से पुलिस थाना पहुंचकर मामला दर्ज कराया गया। इस पूरे प्रकरण पर मनोहरपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डेविड ए. डोडराय ने पुष्टि करते हुए बताया कि चिरिया ओपी क्षेत्र में नाबालिग से गैंगरेप का गंभीर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करा रही है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और अधिक स्पष्ट हो जाएगी। फिलहाल, सभी दोषियों को कानून के शिकंजे में कसने के लिए विशेष टीमों का गठन कर दिया गया है।

