Ranchi : असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के बीच सीट शेयरिंग पर बात नहीं बन पाई है। लंबी कोशिशों के बावजूद रजामंदी नहीं बनने पर झामुमो ने अब अकेले ही इस चुनाव मैदान में उतरने का फैसला कर लिया है।
पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अंतिम समय तक कांग्रेस के साथ गठबंधन की कोशिश की। इसके लिए वे दिल्ली भी पहुंचे, लेकिन बातचीत बेनतीजा रही। झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय के अनुसार, देर रात तक सीट शेयरिंग पर कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी। इसी बीच पार्टी ने अपने आधिकारिक माध्यमों से असम की मजबत (47) और सोनारी (93) सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी।
पार्टी ने मजबत सीट से प्रीति रेखा बारला और सोनारी सीट से बालदेव तेली को उम्मीदवार बनाया है। इन सीटों पर वर्ष 2021 में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों ने जीत हासिल की थी। झामुमो ने अब स्पष्ट कर दिया है कि वह असम की कुल 21 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। पार्टी के केंद्रीय महासचिव (संगठन) विनोद पांडेय ने गुवाहाटी से जानकारी देते हुए कहा कि झामुमो पूरी मजबूती और गंभीरता के साथ चुनाव लड़ने जा रही है।
रांची में पार्टी नेताओं ने कहा कि संगठन के लिए सम्मान सर्वोपरि है, इसलिए समझौता न होने पर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया गया। झामुमो ने अपने चुनाव चिह्न ‘तीर-धनुष’ को भी असम चुनाव के लिए सुरक्षित रखने की बात कही है। पार्टी का कहना है कि वह असम में आदिवासी और टी ट्राइब समुदाय की आवाज बनकर उभरेगी। नामांकन के अंतिम दिन इस फैसले ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
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