Home » Kolhan University : कोल्हान विश्वविद्यालय में ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

Kolhan University : कोल्हान विश्वविद्यालय में ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

शिक्षा, उच्च जागरूकता और अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को सर्वोपरि: कुलपति

by Rajeshwar Pandey
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

चाईबासा : कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा के गैलरी-4 में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के बैनर तले ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत 100 वीक्स’ अभियान के अंतर्गत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया।समारोह को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. डॉ. अंजिला गुप्ता ने युवाओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और उन्हें एक नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का संदेश दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे शिक्षा, उच्च जागरूकता और अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को सर्वोपरि रखें। साथ ही, खुद को नशे से दूर रखते हुए आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश का असली भविष्य युवा ही हैं और उनके सकारात्मक कदमों से ही समाज में वास्तविक बदलाव संभव है।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं संसाधन व्यक्ति डॉ. धर्मेंद्र रजक ने नशे के गंभीर दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने युवाओं से एक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य निभाने का आह्वान किया और समाज से इस कुप्रथा को जड़ से उखाड़ फेंकने में युवाओं की भूमिका को अहम बताया। उन्होंने अपना प्रेरक संदेश देते हुए कहा, “नशे को ना, जिम्मेदारी को हाँ—जागरूक युवा ही नशामुक्त समाज और विकसित भारत की पहचान हैं।”

जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग के डॉ. बसंत चाकी ने स्थानीय समुदायों में प्रचलित शराब सेवन से जुड़ी सामाजिक और सांस्कृतिक मान्यताओं पर अपने विचार रखे। उन्होंने इस गंभीर विषय को जमीनी अनुभवों और सामाजिक परिस्थितियों के परिप्रेक्ष्य में समझने की आवश्यकता पर बल दिया।

एनएसएस की निदेशक डॉ. मीनाक्षी मुंडा ने शराब सेवन के पीछे के सामाजिक कारणों और इसके विनाशकारी परिणामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे नशे से दूरी बनाएं और समाज के प्रति अपनी जवाबदेही निभाते हुए जन-जागृति फैलाएं। उन्होंने विश्वास जताया कि युवाओं के सामूहिक प्रयासों से ही एक स्वस्थ और नशामुक्त समाज की स्थापना की जा सकती है।

स्वर्ण पदक विजेताओं का हुआ सम्मान

इस विशेष अवसर पर मानवशास्त्र विभाग, भूगोल विभाग, जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग और टीआरआई (TRI) से जुड़े शिक्षण सहायकों को उनके संबंधित विभागों में विश्वविद्यालय का स्वर्ण पदक प्राप्त करने की उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया। इन सभी को छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणास्त्रोत और आदर्श के रूप में मंच पर प्रस्तुत किया गया।

पारंपरिक खेलों का हुआ आयोजन

कार्यक्रम के अंतिम चरण में पारंपरिक खेलों—चुर, पिट्टो और खो-खो का रोमांचक आयोजन किया गया। इन पारंपरिक खेलों के जरिए विद्यार्थियों को अपनी समृद्ध संस्कृति से जोड़ने, आपसी तालमेल बढ़ाने और एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। इस पूरे आयोजन में 110 एनएसएस स्वयंसेवकों समेत विश्वविद्यालय के अन्य विद्यार्थियों ने भारी उत्साह के साथ हिस्सा लिया।

संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी कंचन कच्छप और जया जैक्लिन तिर्की के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के अंत में कंचन कच्छप ने उपस्थित सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे की विभीषिका से आगाह करना और उन्हें व्यक्तिगत एवं सामुदायिक स्तर पर एक नशामुक्त राष्ट्र के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।

Read Also Chaibasa News : माहेश्वरी महिला संगठन का दो दिवसीय दीप मेला संपन्न, प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने दिखाया हुनर

Related Articles

Leave a Comment