भारत सरकार ने शुक्रवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण फैसले लिए, जिसमें देशभर में 85 नए केंद्रीय विद्यालय और 28 नए नवोदय विद्यालय खोलने की मंजूरी दी गई। यह कदम शिक्षा के क्षेत्र में एक अहम सुधार है और विशेष रूप से उन जिलों में लागू होगा, जिन्हें पहले नवोदय विद्यालय योजना के तहत कवर नहीं किया गया था।
85 नए केंद्रीय विद्यालय और 28 नवोदय विद्यालय की स्थापना
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने 85 नए केंद्रीय विद्यालय और 28 नए नवोदय विद्यालय खोलने के लिए अपनी मंजूरी दे दी है। यह नए विद्यालय उन जिलों में स्थापित किए जाएंगे जिनको पहले नवोदय विद्यालय योजना के तहत नहीं कवर किया गया था, जिससे शिक्षा की पहुंच उन क्षेत्रों तक पहुंचेगी जहां अभी तक उपयुक्त शिक्षा संसाधनों की कमी रही है।
नए विद्यालयों से 82,560 छात्रों को मिलेगा फायदा
केंद्र सरकार का यह निर्णय 82,560 छात्रों के लिए एक बड़े लाभ के रूप में सामने आया है। इन नए केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालयों में छात्रों को बेहतर शिक्षा सुविधाएं प्राप्त होंगी, जिससे उनकी शिक्षा का स्तर और समग्र विकास संभव हो सकेगा। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारना है।
नई जॉब्स और रोजगार के अवसर
इसके अलावा, इस निर्णय से 5,388 नई नौकरियां उत्पन्न होंगी, जो शिक्षा क्षेत्र में रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देंगी। इन विद्यालयों के संचालन के लिए शिक्षक, प्रशासनिक स्टाफ और अन्य सहायक कर्मचारियों की आवश्यकता होगी, जिससे स्थानीय रोजगार में भी वृद्धि होगी।
5872 करोड़ रुपये की मंजूरी
केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि इस योजना के लिए सरकार ने कुल 5872 करोड़ रुपये की वित्तीय मंजूरी दी है। इन धनराशियों का उपयोग विद्यालयों की स्थापना, बुनियादी ढांचे के निर्माण और अन्य प्रशासनिक खर्चों के लिए किया जाएगा। नवोदय विद्यालयों की स्थापना के लिए 2024-25 से 2028-29 तक पांच वर्षों की अवधि में कुल 2359.82 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी, जिसमें से 1944.19 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिए और 415.63 करोड़ रुपये परिचालन व्यय के रूप में होंगे।
शिक्षा क्षेत्र में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
यह पहल देश के शिक्षा क्षेत्र में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। नए केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालयों की स्थापना से शिक्षा का स्तर और अधिक ऊंचा होगा, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां पहले गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की कमी रही है। इसके अलावा, यह सरकार की योजनाओं के तहत देशभर में समावेशी शिक्षा व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
नवोदय विद्यालयों के लिए 2359.82 करोड़ रुपये की आवश्यकता
28 नवोदय विद्यालयों की स्थापना के लिए सरकार ने 2359.82 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है, जो अगले पांच वर्षों में खर्च किया जाएगा। यह निधि विद्यालयों की बुनियादी ढांचा तैयार करने, शिक्षक नियुक्ति और संचालन के लिए उपयोग की जाएगी, जिससे इस योजना की सफलता को सुनिश्चित किया जा सके।
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