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Naxalite Attack IN Bijapur : छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों का हमला : IED ब्लास्ट में 9 जवान शहीद, सुरक्षा स्थिति पर सवाल

by Rakesh Pandey
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छत्तीसगढ़: बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों के काफिले पर नक्सलियों द्वारा किया गया एक बड़ा हमला सामने आया है। इस हमले में 8 जवान और एक ड्राइवर की शहीद की खबर है। हमला उस वक्त हुआ जब सुरक्षाबल कटरू थाना के पास स्थित गांव अम्बेली के नजदीक कुटरू-बेद्रे रोड पर अपने ऑपरेशन को समाप्त करके लौट रहे थे। नक्सलियों ने एक आईईडी ब्लास्ट के जरिए सुरक्षाबलों के काफिले को निशाना बनाया, जिससे गाड़ी के टुकड़े-टुकड़े हो गए और 9 जवान शहीद हो गए।

हमले के बाद सुरक्षा स्थिति

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबल नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन चला रहे थे। हमले में शहीद होने वाले जवानों में डीआरजी के 8 जवान शामिल हैं, जिनका बलिदान सुरक्षा बलों के लिए एक कड़ा संदेश देता है। इस हमले को नक्सलियों ने एक कायरतापूर्ण कृत्य के रूप में अंजाम दिया, जो उनके द्वारा किए जाने वाले अन्य हमलों की तरह ही नागरिकों और सुरक्षाबलों के खिलाफ हिंसा की ओर इशारा करता है।

सीएम का बयान

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु साय ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ओवरऑल अगर देखेंगे तो बहुत कम केजुअल्टी हमारे जवानों का है। जिस तरह से पहले हमले होते थे, दोनों तरफ से केजुअल्टी होती थी, लेकिन अब सैनिकों की बहुत कम केजुअल्टी हो रही है। हमारे जवान संघर्ष के साथ नक्सलवाद के खिलाफ लड़े जा रहे हैं और उनकी साहसिकता बहुत सराहनीय है।” मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि, गृह मंत्री अमित शाह का संकल्प है कि 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त किया जाएगा और सुरक्षाबल इस दिशा में पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।

उन्होंने आगे कहा, “हमारी सरकार नक्सलवाद के खिलाफ जंग लड़ रही है और उम्मीद है कि बस्तर और अन्य नक्सल प्रभावित जिलों में 2026 तक नक्सलवाद का सफाया होगा। इस क्षेत्र में विकास कार्यों को भी प्राथमिकता दी जा रही है, और सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ाई जा रही है।”

पूर्व सीएम का संवेदनशील बयान

बीजापुर में हुए इस हमले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह ने कहा, “यह नक्सली हमला कायरतापूर्ण है। जब भी नक्सलियों के खिलाफ बड़े ऑपरेशन होते हैं, तो ये ऐसे कायरतापूर्ण हमलों को अंजाम देते हैं। मैं शहीद जवानों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं और इस घातक हमले में उनकी वीरता को सलाम करता हूं।”

डॉक्टर रमन सिंह ने सरकार से अपील की कि नक्सलवाद के खिलाफ जो कदम उठाए जा रहे हैं, उन्हें और मजबूत किया जाए ताकि इस प्रकार के हमलों को पूरी तरह से रोका जा सके।

नक्सलियों के खिलाफ संघर्ष

छत्तीसगढ़ और विशेषकर बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षाबल लगातार ऑपरेशन चला रहे हैं। यह हमला न केवल सुरक्षाबलों के साहस का इम्तहान है, बल्कि राज्य सरकार और केंद्रीय सुरक्षा बलों के लिए एक संदेश भी है कि नक्सलियों का खात्मा केवल सुरक्षा ऑपरेशनों से नहीं, बल्कि व्यापक रणनीति और विकास कार्यों से किया जा सकता है।

बीजापुर और बस्तर के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबल अपने ऑपरेशनों को और तेज कर रहे हैं, ताकि नक्सलियों की गतिविधियों को खत्म किया जा सके। इस तरह की घटनाएं सुरक्षा बलों के मनोबल को प्रभावित करने के बजाय उन्हें और मजबूती से नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष करने की प्रेरणा देती हैं।

बीजापुर में हुए इस आईईडी ब्लास्ट ने एक बार फिर से नक्सलवाद के खात्मे के लिए राज्य और केंद्र सरकार की कार्ययोजना पर सवाल खड़ा किया है। हालांकि सरकार नक्सलवाद से निपटने के लिए कड़ी कार्रवाई कर रही है, लेकिन इस प्रकार के हमलों से न केवल सुरक्षाबल की चुनौती बढ़ रही है, बल्कि नागरिकों और बच्चों के लिए भी खतरा बन रहा है। ऐसे हमले यह स्पष्ट करते हैं कि नक्सलियों को हराने के लिए सिर्फ सैन्य बलों की आवश्यकता नहीं है, बल्कि इलाके में समग्र विकास और शांति की दिशा में ठोस कदम भी उठाने होंगे।

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