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Jharkhand Zoo mismanagement : अकेले 10 क्षेत्रों के प्रभारी राम बाबू का साला बना स्वयंभू रेंजर

by Anand Mishra
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Ranchi (Jharkhand) : झारखंड की राजधानी रांची स्थित बिरसा मुंडा जू (चिड़ियाघर) में प्रशासनिक लापरवाही के कई मामले सामने आते रहे हैं। इन्हीं में से एक बड़ा मामला सामने आया, जब वन विभाग के रेंजर राम बाबू के साले ने खुद को रेंजर बताकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की।

10 क्षेत्रों का प्रभार संभाल रहे हैं रेंजर राम बाबू

वन विभाग के रेंजर राम बाबू वर्तमान में 10 क्षेत्रों का प्रभार संभाल रहे हैं। इसी दौरान उनके साले ने भी इलाके में रेंजर बनकर घूमने का कारनामा किया। यह मामला उस समय उजागर हुआ जब बीते वर्ष बिरसा मुंडा जू के केयर टेकर संतोष कुमार महतो की मौत के बाद रेंजर का साला उनके गांव पहुंचा।

गांव में खुद को बताया रेंजर

जानकारी के अनुसार, संतोष कुमार महतो की मौत के बाद मुआवजे की बात करने राम बाबू का साला गांव पहुंचा। वहां उसने ग्रामीणों और मृतक के परिवार से बातचीत करते हुए खुद को रेंजर बताया। इस बीच गांववालों ने बातचीत का वीडियो बना लिया। बाद में लोगों को पता चला कि वह असली रेंजर नहीं है। ग्रामीणों ने नाराजगी जाहिर की और विरोध के बीच वह किसी तरह मौके से भाग निकला।

हिप्पोपोटामस के हमले में केयर टेकर की मौत

गौरतलब है कि वर्ष 2024 में हिप्पोपोटामस ने बच्चे को जन्म दिया था। बिना तैयारी और सुरक्षा व्यवस्था के ही जू प्रबंधन ने केयर टेकर संतोष महतो को बाड़े में भेज दिया। हिप्पोपोटामस को यह आभास हुआ कि उसके बच्चे को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जिसके बाद उसने संतोष पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल संतोष को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन 28 जुलाई को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

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