RANCHI: डॉक्टरों को धरती का भगवान ऐसे ही नहीं कहा जाता है। इलाज से लेकर मरीजों की जान बचाने में उनकी अहम भूमिका होती है। अब सदर हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने मरीजों की जान बचाने के लिए अपना खून तक दे दिया। शनिवार को रांची के सदर अस्पताल परिसर में थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए एक विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें डॉक्टरों ने बढ़-चढ़कर ब्लड डोनेट किया। इस शिविर में स्वास्थ्यकर्मियों और अन्य कर्मचारियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
102 यूनिट खून कलेक्ट
शिविर के दौरान सदर अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों, स्वास्थ्यकर्मियों, छात्रों और कर्मचारियों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। सभी ने जरूरतमंद बच्चों के जीवन को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से बढ़-चढ़कर योगदान दिया। इस रक्तदान शिविर में कुल 102 यूनिट रक्त संग्रह किया गया, जो गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों के लिए जीवनदायी साबित होगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित बच्चों को नियमित रूप से रक्त उपलब्ध कराना और आम लोगों में रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाना था। मौके पर डॉ. रंजू सिन्हा ने कहा कि रक्तदान करना न केवल सामाजिक जिम्मेदारी है, बल्कि यह किसी के जीवन को बचाने का सबसे प्रभावी माध्यम भी है। वहीं अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. बिमलेश सिंह ने सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन आगे भी जारी रहेंगे।

