

Chaibasa (Jharkhand) : पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले की एक सनसनीखेज हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने शुक्रवार को मोटू बागे और बुधिया पुरती को दोषी करार देते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 15-15 हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई।

क्या था मामला?
यह मामला 11 जून 2022 को मंझारी थाना क्षेत्र में दर्ज किया गया था। आरोप था कि 10 जून 2022 की रात को पंचाबोया गांव निवासी मोटू बागे और बरकीमारा गांव निवासी बुधिया पुरती का माना पुरती से विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ गया कि हाथापाई में बदल गया और दोनों ने मिलकर माना पुरती पर हमला किया। आरोपियों ने त्रिशूल से वार कर उसके पेट में गंभीर चोट पहुंचाई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना पर मंझारी थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इस मामले में वैज्ञानिक जांच के साथ गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए। मजबूत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया।

अदालत का निर्णय
अदालत ने कहा कि आरोपियों ने जानबूझकर गंभीर अपराध किया है और उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। इसलिए दोनों को आजीवन कारावास की सजा और जुर्माना भुगतना होगा। यह फैसला कानून और न्याय की सख्त मिसाल माना जा रहा है।
