Chaibasa (Jharkhand) : झारखंड के दूसरे बाबा धाम के नाम से प्रसिद्ध पश्चिमी सिंहभूम जिले के महादेवशाल मंदिर के बालक बाबा का शुक्रवार को देहांत हो गया। बालक बाबा काफी लंबे समय (लगभग 14-15 वर्ष की आयु) से ही बाबा महादेवशाल मंदिर परिसर में रहकर बाबा भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करते रहे। उनके देहांत से पूरे प्रखंड में शोक की लहर। बालक बाबा को चाहने वालों की तादात काफी संख्या में है। बाबा महादेवशाल आने वाले भक्त पूजा-अर्चना के बाद बालक बाबा से अवश्य मिलकर जाते थे।
पूरे झारखंड समेत अन्य राज्यों में भी है बालक बाबा की ख्याति
बालक बाबा को चाहने वालों में बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, बंगाल आदि राज्यों के अनेक लोग शामिल हैं। बालक बाबा की सादगी और भोलेपन ने लोगों के दिलों में जगह बना ली थी।शुक्रवार की शाम बालक बाबा का अंतिम संस्कार रीति-रिवाज के अनुसार महादेवशाल में किया गया। उनके निधन से मंदिर के पुजारियों और भक्तों में शोक की लहर है। मंदिर के पुजारी ने बताया कि बालक बाबा के देहांत से मंदिर के साथ ही पूरे क्षेत्र में शोक है।
श्रद्धांजलि सभा में शामिल होंगे दूर-दराज से आए लोग
बालक बाबा के देहांत के बाद मंदिर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय लोग और दूर-दराज से आए भक्त शामिल होंगे। उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की जाएगी। महादेवशाल मंदिर को झारखंड के दूसरे बाबा धाम के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। बालक बाबा के देहांत से इस मंदिर के महत्व में और भी वृद्धि होगी, और उनकी स्मृति हमेशा लोगों के दिलों में बनी रहेगी।

