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Manipur में पल-पल बदल रहा घटनाक्रम : CM बीरेन सिंह के इस्तीफा देने की अटकले तेज, थोड़ी देर में राज्यपाल से करेंगे मुलाकात, जानें राहुग गांधी ने क्या कहा

by Rakesh Pandey
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इंफाल, एजेंसियां: मणिपुर के हालात पल-पल बदल रहे हैं। एन बीरेन सिंह थोड़ी देर में राज्यपाल से मुलाकात करने वाले हैं। ऐसी अटकलें लगायी जा रही हैं कि मुख्यमंत्री राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। माना जा रहा है कि बीरेन सिंह पर इस्तीफे को लेकर काफी दबाव है। हालांकि इस बीच एन बीरेन सिंह के समर्थन में लोग सड़क पर उतर आये हैं। एन बीरेन सिंह शाम तीन बजे के करीब राज्यपाल अनुसुइया उइके से राजभवन में मुलाकात करेंगे।

अगर मुख्यमंत्री इस्तीफा सौंपते हैं तो केंद्र के पास राष्ट्रपति शासन लागू करने का भी विकल्प है। इस तरह की अटकलें हैं कि केंद्र इस बारे में विचार कर रहा है। सीएम एन बीरेन सिंह के इस्तीफे की अटकलों के बीच भारी संख्या में मणिपुर की राजधानी इंफाल में हजारों लोग सड़कों पर उतर आये हैं।

राजभवन और सीएम आवास के बीच लोगों की भारी भीड़ सड़कों पर जमा हो गयी है और लोग लगातार एन बीरेन सिंह के समर्थन में नारेबाजी कर रहे हैं और उनसे इस्तीफा ना देने की अपील कर रहे हैं। वहीं राज्य के हालात पर भारतीय सेना, असम राइफल्स, बीएसएफ के उच्चाधिकारियों की अपने-अपने स्तर पर बैठक चल रही है।

राज्यपाल से मिलने पहुंचे राहुल गांधी, कहा-यहां की दुर्दशा को देखना और सुनना दिल दहला देने जैसा
कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपने दो दिवसीय मणिपुर दौरे पर मोइरांग में एक राहत शिविर में रह रहे प्रभावित लोगों से मिलने के बाद राज्यपाल से मिलने राजभवन पहुंचे हैं।

जहां राहत शिविरों में लोगों को हो रही परेशानियों से अवगत कराने के साथ ही शांति बहाली पर चर्चा करेंगे। इससे पूर्व राहत शिविरों का दौरा करने के बाद राहुल ने लोगों से मुलाकात कर कहा कि हिंसा के कारण अपने प्रियजनों और घरों को खोने वाले लोगों की दुर्दशा को देखना और सुनना दिल दहला देने वाला है। मैं जिस भी भाई बहन और बच्चे से मिला उसके चेहरे पर मदद की पुकार थी। राहुल ने दो राहत शिविरों में कई प्रभावित लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। उनके साथ मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह, पार्टी महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल, पीसीसी अध्यक्ष कीशम मेघचंद्र सिंह और पूर्व सांसद अजय कुमार भी थे।

क्या कहा कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मौके पर मौजूद कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि राज्य की स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने राहत शिविरों का दौरा किया और वहां कई चीजों में कमी पाई। कांग्रेस नेता ने कहा कि हम राज्यपाल से मिलने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि शिविरों में बहुत सारी कमियां हैं। इसलिए, राहुल गांधी ने मिलने के लिए समय मांगा है।

मणिपुर में जारी हिंसा के बीच मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। राज्य के नौ विधायकों ने भी बीते दिनों प्रधानमंत्री कार्यालय में पीएम मोदी के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रदेश नेतृत्व पर सवाल उठाये थे। विधायकों ने दावा किया था कि मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार जनता के बीच अपना भरोसा खो चुके हैं। एन बीरेन सिंह पर आदिवासी विरोधी एजेंडे को बढ़ाने के आरोप लग रहे हैं। बीते दिनों जब केंद्र सरकार ने मणिपुर में शांति स्थापित करने के लिए शांति समिति गठित की थी तो उसमें भी शामिल किये गये कई लोगों ने एन बीरेन सिंह के नेतृत्व के खिलाफ असंतोष जाहिर किया था और मुख्यमंत्री को शांति समिति में शामिल करने का विरोध किया था।

कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा पर किया पलटवार

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राहुल के दौरे को लेकर भाजपा द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर पटलवार किया है। खरगे ने कहा कि भाजपा हमेशा ईर्ष्या से बात करती है। उन्होंने कहा कि अगर कोई कांग्रेसी नेता मणिपुर जाकर लोगों की कठिनाइयों को समझने की कोशिश करता है, तो वे इसे नाटक कहते हैं। मैं ऐसी मानसिकता की निंदा करता हूं। जब अमित शाह वहां जा सकते हैं, उनके लोग वहां जा सकते हैं, तो एक विपक्षी नेता ऐसा क्यों नहीं कर सकते।

राहुत ने किया ट्वीट, हिम्मत रखिए

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट किया है- हिम्मत रखिए…सब ठीक हो जाएगा। वहीं, कांग्रेस पार्टी ने राहुल गांधी की तस्वीर को शेयर करते हुए ट्वीट किया है कि प्यार, भाईचारा और शांति का संदेश लेकर राहुल गांधी मणिपुर गए हैं। बीते कल वे हिंसा के पीड़ितों और सिविल सोसाइटी के लोगों से मिले। उनका दुख बांटा, उनके आंसू पोछे। वहीं, शुक्रवार को वे राहत शिविरों में जाकर लोगों का हिम्मत बढ़ा रहे हैं। उन्हें भरोसा दे रहे हैं कि हिम्मत रखें…जल्द ही सब ठीक हो जाएगा। इधर, बीजेपी राहुल गांधी पर हमलावर है। बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा है कि राहुल गांधी की यात्रा मणिपुर में कई नागरिक समाज संगठनों और छात्र संघों ने कड़ा विरोध किया है। मालूम हो कि संघर्ष के बाद राज्यभर में अब तक करीब 50 हजार लोगों को राहत शिविरों में ठहराया गया है। वहीं, कई राज्य छोड़कर दूसरे राज्य भी चले गए हैं। मणिपुर में स्थित काफी तनावपूर्ण बनी हुई है। इसमें कई लोगों की जान भी जा चुकी है।

राहुल को चुराचांदपुर सड़क मार्ग से जाने की इजाजत नहीं मिली

राहुल गांधी सड़क मार्ग से चुराचांदपुर जाना चाहते थे लेकिन जिला प्रशासन ने किसी कारणवश उन्हें हेलिकॉप्टर से जाने का अनुरोध किया। इसपर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ट्वीट किया है कि पीएम मोदी ने मणिपुर पर अपनी चुप्पी तोड़ने की जहमत नहीं उठाई है। उन्होंने राज्य को अपने हाल पर छोड़ दिया है। अब उनकी डलब इंजन वाली सरकार कहां गई। उन्होंने मोदी सरकार को विनाशकारी सरकारें बताते हुए कहा है कि सहानुभूति की सोच रखने वाले राहुल गांधी को रोकने के लिए निरंकुश तरीकों का इस्तेमाल कर रही हैं। यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है और सभी संवैधानिक और लोकतांत्रिक मापदंडों को तोड़ती है।

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हिमंत बिस्वा ने भी साधा निशाना

राहुल गांधी के मणिपुर दौरा को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा ने भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि मणिपुर के हालात को देखते हुए, केंद्र और राज्य सरकार के पास वहां हालात को नियंत्रण में लाने की जिम्मेदारी है। ऐसी जरूरत नहीं है कि राजनीतिक नेता वहां जाएं, इससे हालात का समाधान नहीं होगा।

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