Ranchi : झारखंड की सियासत में सत्तारूढ़ इंडिया गठबंधन के भीतर खटास अब खुलकर सामने आने लगी है। असम विधानसभा चुनाव में झामुमो और कांग्रेस के अलग-अलग चुनाव लड़ने के फैसले का असर अब झारखंड में भी दिखाई दे रहा है। दोनों दलों के बीच मतभेद अब बयानबाज़ी और आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच चुका है।
झामुमो के वरिष्ठ नेता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कांग्रेस को ‘विषैला सांप’ कहकर सियासी तापमान बढ़ा दिया। इस बयान के बाद कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अपनी ही सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए। हजारीबाग के विष्णुगढ़ और धनबाद के बलियापुर में हुई दुष्कर्म की घटनाओं को लेकर कांग्रेस नेताओं ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताई और पुलिस प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया।
चाईबासा में आयोजित कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर के समापन के बाद पार्टी प्रभारी के राजू ने भी संकेत दिए कि गठबंधन के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं है। उन्होंने माइनिंग लॉबी के प्रभाव, किसानों को उचित मुआवजा न मिलने और शिक्षा व्यवस्था में गिरावट को लेकर सरकार की आलोचना की। साथ ही, बड़कागांव समेत पूरे राज्य में आंदोलन की चेतावनी भी दी।
कांग्रेस के इन बयानों पर झामुमो ने भी पलटवार किया। पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा कि कांग्रेस को अपनी बात सरकार के अंदर उठानी चाहिए, न कि मीडिया के जरिए। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अगर कांग्रेस आरोप लगाएगी, तो झामुमो भी जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा।
इधर, विपक्षी दल भाजपा ने इस पूरे विवाद को लेकर दोनों दलों पर निशाना साधा है। भाजपा नेताओं का कहना है कि गठबंधन के भीतर की यह खींचतान राज्य में सुशासन की कमी को दर्शाती है और दोनों दल सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए काम कर रहे हैं।

