जमशेदपुर : राज्य के सरकारी विद्यालय के शिक्षकों के ट्रांसफर के लिए स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा ट्रांसफर-पोस्टिंग पोर्टल पर अपलोड किए गए राज्य के सरप्लस शिक्षकों की सूची जबसे अपलोड की गयी है। तब से इस पर शिक्षक गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए इसमें सांशोधन की मांग कर रहे हैं।

इस इस सूची में अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ, पूर्वी सिंहभूम जिला कमेटी ने अलग अलग कई गलतियां निकालते हुए उस पर आपत्ति जताते हुए सूची में संशोधन की मांग की है। शिक्षकों का आरोप है कि सरप्लस शिक्षकों की सूची तैयार करने में राईट टू एजुकेशन का उल्लंघन किया गया है।
क्योंकि इसके आधार पर 30 छात्रों पर एक शिक्षक होना ही चाहिए। जहां बच्चों के अनुपात में पदस्थापित शिक्षकों की संख्या कम है वहां भी सरप्लस दिखाया गया है। इस संबंध में संघ का एक प्रतिनिधिमंडल डीएसई से मिलकर सरप्लस शिक्षकों की सूची को संसोधित करने की मांग की है। संघ के सुनील कुमार ने कहा कि अगर इस सूची को एक निजी एनजीओ ने तैयार किया है। जिसे लगता है सरकारी स्कूलों के बारे में कुछ भी पता नहीं है।
जनिए सूची में किस प्रकार की गलती हुई है:
1: उत्क्रमित मध्य विद्यालय बादिया उर्दू यहां 6 से 8 तक में कुल 142 छात्र नामांकित है जिन्हें पढ़ाने के लिए दो शिक्षक कार्यरत है। इसमें से एक शिक्षक को सरप्लस दिखाया गया है। जबकि छात्र संघा के अनुपात में कम से कम यहां 4 शिक्षक होने चाहिए। इस प्रकार यहां पहले से ही दो शिक्षक कम हैं लेकिन विभाग की सूची में यहां एक शिक्षक सरप्लस है।
2. मवि घासपदा में 6-8 वीं कक्षा में कुल 98 बच्चों पर तीन शिक्षक कार्यरत है, दो को सरप्लस दिखाया गया है। जबकि छात्र संख्या के अनुपात में तीन शिक्षक ही होने चाहिए। अगर इन सरप्लस शिक्षकों को हटा दिया गया गया तो यहां सिर्फ एक शिक्षक ही बचेगा।
3. उमवि धातकीडीह, घाटशिला में 1-5 में 109 बच्चों पर 4 शिक्षक कार्यरत है, 6-8 में कोई भी शिक्षक नहीं है ऐसे में यहां रिक्ति दिखलानी चाहिए थीं लेकिन यहां एक शिक्षक को सरप्लस दिखाया गया है।
4. उमवि सारजामदा, जमशेदपुर – 2 में वर्ग 1-5 में 212 छात्र पर 4 शिक्षक कार्यरत है ।, 6-8 में 191 छात्र पर कोई भी शिक्षक नहीं है। एेसे में इस विद्यालय में 1 से 8वीं कक्षा में 403 छात्र हैं जिनहें जबकि 2 शिक्षक को सरप्लस दिखाया गया है।
5. प्लस टू उच्च विद्यालय खंडामौदा में वर्ग 1-5 में 75 बच्चों पर तीन शिक्षक कार्यरत है, यहां 2 को Surplus दिखाया गया है। अगर इन दोनों को हटा दिया गया तो यहां 75 बच्चों को पढ़ाने के लिए सिर्फ एक शिक्षक ही बचेंगे।
शिक्षकों को यहां भी है आपत्ति :
:: एक शिक्षकीय विद्यालय में रिक्ति नहीं दिखाई गई है। जबकि यह जरूरी है।
:: ग्रेड 4 में सृजित इकाई पर प्रोन्नति के उपरांत विधिवत रूप से पदस्थापित शिक्षकों को भी सरप्लस दिखाया गया है।
:: प्राथमिक विद्यालय जहां 2 शिक्षक अनिवार्य वहां भी एक शिक्षक को सरप्लस दिखाया गया है।
:: ऐसा प्रतीत होता है कि पुराने छात्र संख्या के आधार पर उक्त सूची निर्मित है।
वर्जन:
सरप्लस शिक्षकों की सूची पर नजर डालें तो ऐसा लगता है कि इसे किसी ऐसे व्यक्ति ने तैयार किया है जिसे स्कूलों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। संबंधित एनजीओ के लोगों ने अपने कार्यालय में बैठकर सूची तैयार कर दी है। जिसे अधिकारियों ने भी अनुमोदित कर दिया है। इससे शिक्षक परेशान है। ऐसे में संघ मांग करता है कि सूची को संशोधित किया जाए।
शिव शंकर पोलाई, अध्यक्ष अखिल झारखंड शिक्षक संघ
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