
खूंटी : गंगा दशहरा के मौके पर मंगलवार को बनई नदी तट पर पहुंचकर लोगों ने आरती उतारी। नदी तट पर भक्ति गीतों की गूंज सुनाई दी। श्रद्धालुओं ने मां गंगा को नमन किया।
एकल अभियान जागरण शिक्षा मुरहू के तत्वावधान में गंगा दशहरा के अवसर पर बनई नदी बम्हनी में विधिवत नदी पूजन का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित कुआं, तालाब एवं अन्य जलाशयों की भी पूजन-अर्चन कर आरती की तथा प्रसाद वितरण किया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, भैया-बहनों एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस अवसर पर संच अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र नाथ तिवारी ने कहा कि गंगा दशहरा का दिन अत्यंत पावन माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थीं। उन्होंने बताया कि इस दिन गंगा स्नान, नदी स्नान, दान-पुण्य और परोपकार का विशेष महत्व है। इससे मनुष्य के मन, वचन और कर्म से किए गए पापों का नाश होता है।
राजा भागीरथ के अथक प्रयासों का किया उल्लेख
डॉ. तिवारी ने राजा भागीरथ के अथक प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि मां गंगा ब्रह्मा जी के कमंडल से निकलकर भगवान शिव की जटाओं में समाहित हुईं और फिर धरती पर प्रवाहित हुईं। उन्होंने कहा कि गंगा दशहरा पर पुण्य कार्य करने से जीवन सुखमय बनता है तथा पितरों को शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
उन्होंने दान और परोपकार को मानव जीवन का सबसे बड़ा पुण्य बताते हुए लोगों से सदैव भलाई के कार्यों में लगे रहने की अपील की। मौके पर संच प्रशिक्षक महेंद्र नाग, आचार्या ओमपति देवी, दुर्गावती देवी, मनीषा कुमारी, सुधा कुमारी, ध्रुवेन्द्र भास्कर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

