
Ghatshila : घाटशिला अनुमंडल क्षेत्र में दस दिनों तक विधि-विधान से पूजे जाने के बाद बुधवार को मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विभिन्न नदी घाटों में विसर्जन कर दिया गया। ‘आशछे बोछोर आबार होबे’ (अगले वर्ष फिर आइएगा मां) के उद्घोष और नम आंखों के साथ श्रद्धालुओं ने मां दुर्गे को विदाई दी। विसर्जन जुलूस के दौरान डीजे, ताशा और ढाक की धुन पर युवा व युवतियां जमकर थिरकते नजर आए।
दाहीगोड़ा रामकृष्ण मठ की प्रतिमा का सबसे पहले विसर्जन
घाटशिला में बुधवार दोपहर 3 बजे सबसे पहले रामकृष्ण मठ दाहीगोड़ा की प्रतिमा का विसर्जन मऊभंडार स्थित सुवर्णरेखा नदी के बेनाशोल घाट पर किया गया। इसके बाद प्रतिमा विसर्जन का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह देर रात तक अनवरत चलता रहा। इस दौरान घाटशिला, मुसाबनी और जादूगोड़ा क्षेत्र की कुल 30 से 32 प्रतिमाओं का विसर्जन बेनाशोल घाट पर शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया गया।
प्रशासनिक मुस्तैदी: नाविक, टेंट और सीसीटीवी की थी व्यवस्था
विसर्जन को लेकर मऊभंडार बेनाशोल घाट पर प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। घाट की मरम्मत कराने के साथ-साथ किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए कुशल नाविकों की प्रतिनियुक्ति की गई थी। मौके पर एसडीएम अमिताभ भगत, एसडीपीओ आनंद विकास लागुरी, मुसाबनी डीएसपी रोहित कुमार रजवार, घाटशिला व मुसाबनी के बीडीओ-सीओ तथा संबंधित थानों के प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मुस्तैद रहे। किसी भी समिति को असुविधा न हो, इसके लिए माइकिंग के जरिए बारी-बारी से प्रतिमाओं का विसर्जन कराया गया। घाट पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए थे।
दामपाड़ा ग्रामीण क्षेत्र में भी निकला भव्य जुलूस
घाटशिला के ग्रामीण क्षेत्र दामपाड़ा के बड़ाजुड़ी, खरसती, गंधनिया, काड़ाडूबा आदि गांवों में भी मां दुर्गा का भव्य विसर्जन जुलूस निकाला गया और स्थानीय नदी घाटों में प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। विसर्जन को लेकर उमड़े जनसैलाब के मद्देनजर गोपालपुर फाटक से लेकर मऊभंडार नदी तट तक खाने-पीने और खिलौनों की सैकड़ों दुकानें सजी रहीं, जहां देर शाम तक मेले जैसा नजारा बना रहा।
सिंदूर खेला के साथ सुहागिनों ने मांगी अखंड सौभाग्य की मन्नत
विसर्जन से पूर्व अनुमंडल के लगभग सभी पूजा पंडालों में पारंपरिक ‘सिंदूर खेला’ का आयोजन हुआ। सुहागिन महिलाओं ने सबसे पहले मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना की। इसके बाद महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर पर्व की बधाई दी और मां को विदाई दी।
दुर्गा पूजा को लेकर ग्रामीण एसपी ने घाटशिला के पूजा पंडालों का लिया जायजा
दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर विधि-व्यवस्था और शांति व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर पूर्वी सिंहभूम के ग्रामीण एसपी शुभम खंडेलवाल ने मंगलवार की शाम घाटशिला के विभिन्न पूजा पंडालों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने हाथीजोबड़ा पुष्पांजलि संघ, लालडीह भ्रातृ संघ तथा आश्रम स्थित पूजा पंडालों में पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत परखी।
निरीक्षण के क्रम में ग्रामीण एसपी ने पूजा समितियों के पदाधिकारियों से बातचीत कर पंडाल परिसर में श्रद्धालुओं के प्रवेश, निकास, प्रकाश व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के लिए किए गए इंतजामों की विस्तृत जानकारी ली। विभिन्न पूजा समितियों की ओर से ग्रामीण एसपी का स्वागत भी किया गया। एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी स्थिति में विधि-व्यवस्था में चूक नहीं होनी चाहिए।
इस मौके पर एसडीपीओ विकास आनंद लागुरी, घाटशिला थाना प्रभारी भूषण कुमार, मऊभंडार ओपी प्रभारी नीरज कुमार गुप्ता के अलावा पूजा समितियों के महासचिव चंद्रशेखर प्रसाद, कोषाध्यक्ष प्रदीप शील, चयन मजुमदार समेत कई पुलिसकर्मी व समिति के सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित थे।
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