
चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम जिले के चाईबासा, चक्रधरपुर और जगन्नाथपुर अनुमंडल में बुधवार को मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन अत्यंत श्रद्धा, अनुशासन और उल्लास के माहौल में संपन्न हुआ। चक्रधरपुर नगर की कुल 22 दुर्गा पूजा समितियों द्वारा भव्य विसर्जन शोभायात्रा निकालकर मां भगवती को भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर माता के अंतिम दर्शन के लिए सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा और संपूर्ण शहर “जय माता दी” के उद्घोष से गुंजायमान हो गया।
मुख्य आकर्षण और झांकियां
सजे-धजे वाहनों, पारंपरिक ढोल-नगाड़ों और भक्ति धुनों के साथ श्रद्धालु झूमते-थिरकते नजर आए। सभी ने मां से अगले वर्ष पुनः पधारने की कामना की।शाम करीब 7:30 बजे पुरानी बस्ती स्थित गुंडिचा मंदिर से श्री-श्री आदि दुर्गा पूजा समिति ने पारंपरिक रूप से मां की प्रतिमा को अपने कंधों पर उठाकर विसर्जन यात्रा का शुभारंभ किया। मशालों की चमक, शंखनाद और ढोल की थाप से सजा यह जुलूस मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। इस वर्ष आदि दुर्गा की झांकी में वर्ष 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की ऐतिहासिक गाथा को जीवंत किया गया, जिसे देखने के लिए भारी भीड़ एकत्र हुई थी।
क्रमानुसार संपन्न हुआ विसर्जन
मुक्तिनाथ धाम घाट पर आदि दुर्गा का विसर्जन संपन्न होने के पश्चात अन्य समितियों की प्रतिमाओं का विसर्जन क्रमानुसार आरंभ हुआ। प्रशासन द्वारा निर्धारित लाइसेंस और नियमों के अनुरूप सभी समितियों ने अपनी-अपनी प्रतिमाओं का विसर्जन किया। यह विसर्जन क्रम गुरुवार भोर लगभग 3 बजे तक निरंतर चलता रहा।
चाक-चौबंद रही प्रशासनिक व्यवस्था
इस शांतिपूर्ण आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए दुर्गा पूजा केंद्रीय कमेटी, जिला एवं अनुमंडल प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। पवन चौक पर एक विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया था तथा संपूर्ण जुलूस पर ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी रखी जा रही थी।मौके पर एसडीओ श्रुति राजलक्ष्मी, एसडीपीओ सैयद मुस्तफा हाशमी, बीडीओ कांचन मुखर्जी, सीओ सुरेश सिन्हा, नगर पंचायत कार्यपालक पदाधिकारी विजय कुमार हांसदा और थाना प्रभारी अवधेश कुमार सहित तमाम प्रशासनिक अधिकारी मुस्तैद रहकर व्यवस्था का संचालन करते रहे।नगर के प्रमुख चौराहों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में दंडाधिकारियों के साथ अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। पवन चौक की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाउडस्पीकर का सहयोग लिया गया। इसके साथ ही, प्रशासन की ओर से अग्निशमन वाहन और चिकित्सा शिविर की भी पुख्ता व्यवस्था की गई थी। इन तमाम कड़े पहरे और सतर्कता के बीच पूरा विसर्जनोत्सव पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
दुर्गा पूजा केंद्रीय कमेटी का रहा विशेष योगदान
विसर्जन जुलूस के दौरान दुर्गा पूजा केंद्रीय कमेटी के सभी पदाधिकारी एवं सदस्यों ने बढ़ चढ़ के हिस्सा लिया। लगातार जुलूस का नियंत्रण और शांतिपूर्ण विसर्जन करने में विशेष योगदान रहा।

