
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के बड़ाजामदा रेलवे गुड्स शेड में कार्यरत श्रमिकों ने एक यूनियन के स्थानीय प्रतिनिधियों पर सरकारी नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठने का संगीन आरोप लगाया है। ठगी के शिकार मजदूरों ने इस बाबत पुलिस अधीक्षक चाईबासा को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
नौकरी और पदोन्नति का दिया झांसा
पीड़ित श्रमिकों द्वारा सौंपी गई शिकायत के अनुसार, वर्ष 2025 में ‘भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक यूनियन’ से जुड़े स्थानीय प्रतिनिधि मनोज बेहरा और चंदन वाजपेयी ने उन्हें रेलवे में स्थायी नौकरी, सरकारी सुविधाएं देने के साथ-साथ माल गोदाम में ‘सरदार’ व ‘मुंशी’ के पद पर नियुक्त कराने का प्रलोभन दिया था।
आरोप है कि फर्जी नियुक्ति पत्र जारी करने के नाम पर आरोपियों ने विभिन्न किस्तों में मजदूरों से कुल 20 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि वसूल ली। लंबे समय तक इंतजार करने के बावजूद जब किसी भी श्रमिक की बहाली नहीं हुई, तब उन्हें अपने साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास हुआ और उन्होंने इसका विरोध करना शुरू किया।
शीर्ष नेतृत्व की भूमिका पर भी सवाल
श्रमिकों ने अपनी शिकायत में यूनियन के केंद्रीय पदाधिकारियों परिमल कांति मंडल और काशीनाथ गायन की भूमिका की भी जांच करने का आग्रह किया है। पीड़ितों का दावा है कि इस संगठन के खिलाफ केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल और ओडिशा समेत कई अन्य राज्यों में भी इसी प्रकार की ठगी की शिकायतें दर्ज हैं। इस विषय में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग और विभिन्न पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज होने की बात भी सामने आई है।मजदूरों ने कड़ा सवाल उठाते हुए कहा कि यदि 2-2 लाख रुपये लेकर मजदूरों की नियुक्ति की जा रही है, तो इसका सरकारी आदेश और नियम-प्रावधान कहां हैं? पीड़ितों ने मामले की सीबीआई जांच, ठगी गई राशि की वापसी और अन्य असहाय मजदूरों को इस जालसाजी से बचाने की गुहार लगाई है।
शिकायतकर्ताओं में आक्रोश, पुलिस जांच शुरू
एसपी से गुहार लगाने वाले श्रमिकों में मुख्य रूप से दिलीप लकड़ा, घासिया राम बेहरा, सोनी लकड़ा, सुगंधी पिंगुआ और सुकरमनी गौरी सहित कई अन्य पीड़ित शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि इस पूरे प्रकरण को लेकर करीब 10 दिन पूर्व बड़ाजामदा थाने में भी लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। मामले की पुष्टि करते हुए बड़ाजामदा थाना प्रभारी बालेश्वर उरांव ने बताया कि पुलिस शिकायत के आधार पर गहन जांच कर रही है। जांच में जो भी पदाधिकारी या प्रतिनिधि दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

