
Jamshedpur : साकची स्थित आमबागान मैदान को नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर विकसित करने की योजना है। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने घोषणा की है कि मैदान को ‘नेताजी सुभाष चंद्र बोस आमबागान’ के रूप में पहचान दिलाने के साथ यहां नेताजी की स्मृति में भव्य स्मारक बनाने की पहल की जाएगी। स्मारक में नेताजी के जीवन, स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान और आजाद हिंद फौज के संघर्ष को सचित्र प्रदर्शित किया जाएगा।
सरयू राय ने यह घोषणा साकची के आमबागान मैदान में बंगाल क्लब की ओर से आयोजित जमशेदपुर सार्वजनिन दुर्गा पूजा के मंच से की। उनकी घोषणा का उपस्थित लोगों ने तालियों के साथ स्वागत किया।
विधायक ने बताया कि प्रस्तावित स्मारक में नेताजी के बचपन से लेकर स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका, अंग्रेजों की नजरों से बचकर जर्मनी पहुंचने, सिंगापुर में आजाद हिंद फौज के गठन और भारत की आजादी के लिए चलाए गए सैन्य अभियान की प्रमुख घटनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही आजाद हिंद फौज का प्रेरणादायी गीत ‘कदम-कदम बढ़ाए जा’ भी नियमित रूप से बजाने की योजना है।
नेताजी का जमशेदपुर से रहा है ऐतिहासिक जुड़ाव
सरयू राय ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जमशेदपुर से गहरा ऐतिहासिक संबंध रहा है। वह 1928 से 1937 के बीच टाटा लेबर एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे थे। बाद में यही संगठन टाटा वर्कर्स यूनियन के नाम से जाना गया। ऐसे में शहर में उनके योगदान और संघर्ष को समर्पित स्मारक का निर्माण महत्वपूर्ण पहल होगी।
उन्होंने कहा कि योजना को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार के पर्यटन विभाग से भी सहयोग लेने का प्रयास किया जाएगा। इस संबंध में पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को पत्र लिखकर विधायक निधि से कराए जा सकने वाले कार्यों को शुरू करने का आग्रह करेंगे।
युवाओं को नेताजी के संघर्ष से मिलेगी
विधायक ने कहा कि स्मारक के माध्यम से नेताजी के साहस, त्याग और देश की आजादी के लिए किए गए असाधारण प्रयासों को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाएगा। इससे युवाओं में राष्ट्रभक्ति और देशसेवा की भावना मजबूत होगी। उन्होंने आजाद हिंद फौज के अभियान में मणिपुर के मोइरांग के महत्व का भी उल्लेख किया। वहां नेताजी और आजाद हिंद फौज के संघर्ष की स्मृति से जुड़ा स्मारक स्थापित है। मोइरांग स्मारक की कुछ विशेषताओं को जमशेदपुर में प्रस्तावित स्मारक में शामिल करने की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है।
सरयू राय ने बताया कि वर्ष 2014 से 2019 के बीच जमशेदपुर पश्चिम के विधायक रहते हुए उन्होंने आमबागान मैदान में नेताजी की प्रतिमा के पास उस ऐतिहासिक मार्ग का नक्शा बनवाकर प्रदर्शित कराया था, जिससे नेताजी कोलकाता से गोमो जंक्शन पहुंचे थे और वहां से ट्रेन के जरिए आगे रवाना हुए थे। यह नक्शा आज भी मैदान में मौजूद है।
उन्होंने कहा कि नेताजी का संघर्ष भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का गौरवशाली अध्याय है। प्रस्तावित स्मारक के जरिए उनके जीवन और आजाद हिंद फौज के अभियान को व्यापक रूप से लोगों के सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।
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