
चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के बाद जिले के जलप्रपात, नदियां और नाले पूरी तरह भर गए हैं। पहाड़ों से गिरती तेज जलधाराएं, घने साल-सखुआ के जंगल और बादलों से ढकी पहाड़ियां इन दिनों सारंडा की खूबसूरती को चार चांद लगा रही हैं।इसी सुंदरता को देखने के लिए जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की भीड़ भी बढ़ गई है। लेकिन प्रकृति का यही मनोहारी रूप अब खतरनाक भी हो गया है। नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, बहाव तेज है, चट्टानें फिसलन भरी हैं और कई जगह उफान की स्थिति बनी हुई है। किसी भी वक्त कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
उफान पर है हिरणी फॉल
लगातार बारिश के कारण बंदगांव प्रखंड का प्रसिद्ध हिरणी फॉल बुधवार को पूरी तरह उफान पर दिखा। झरने से करीब 4 मीटर ऊपर से पानी बाहर निकलकर सीधे नदी में गिर रहा है। पहाड़ी नदियों में भी पानी भर गया है।सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने फॉल के पास आम लोगों के जाने पर रोक लगा दी है। फॉल पर तैनात सुरक्षाकर्मी लगातार निगरानी कर रहे हैं। मंगलवार से क्षेत्र में हो रही मूसलाधार बारिश के बाद प्रशासन ने आसपास की बस्तियों को भी अलर्ट कर दिया है।अधिकारियों के अनुसार अभी तक किसी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है, लेकिन खतरे को देखते हुए एहतियात बरता जा रहा है।
प्रकृति का आनंद, लेकिन सावधानी जरूरी
हिरणी फॉल घने जंगल के बीच स्थित है। बरसात में यहां का नजारा बेहद खूबसूरत हो जाता है, इसलिए दूर-दूर से सैलानी यहां आते हैं। लेकिन इस बार लगातार बारिश से पानी का स्तर काफी बढ़ गया है, जिससे दुर्घटना का अंदेशा बढ़ गया है।इसी कारण प्रशासन ने पर्यटकों को फॉल के करीब न जाने की सख्त हिदायत दी है। जिला प्रशासन ने कहा है कि सुंदरता का आनंद लें, लेकिन अपनी और अपनों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।

