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Israel Hamas Ceasefire : मध्य एशिया: संघर्ष विराम के बीच आठ बंधकों को छोड़ेगा हमास, इसराइल करेगा 110 कैदियों को रिहा

by Mujtaba Haider Rizvi
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सेंट्रल डेस्क : गाजा में इस महीने की शुरुआत में लागू संघर्ष विराम के बाद तीसरी बार बंधकों और कैदियों की अदला-बदली की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बृहस्पतिवार को हमास तीन इसराइली और पांच थाई बंधकों को रिहा करेगा, जबकि इसराइल 110 फलस्तीनी कैदियों को अपनी जेलों से मुक्त करेगा। यह कदम संघर्ष विराम के समझौते के तहत लिया गया है, जो दोनों पक्षों के बीच तनाव को कम करने और शांति की ओर एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।

यह तीन बंधक होंगे रिहा

हमास द्वारा रिहा किए जाने वाले इसराइली बंधकों में महिला सैनिक आगम बर्जर (20), अर्बेल येहूद (29) और 80 वर्षीय व्यक्ति गेडी मोसेज शामिल हैं। इन बंधकों के परिवारों ने उनके रिहाई की खबर का स्वागत किया है, और उनके घर वापसी की उम्मीद जताई है। वहीं, थाई बंधकों की पहचान तुरंत सामने नहीं आ सकी, लेकिन उनकी रिहाई भी संघर्ष विराम समझौते का हिस्सा है। यह अदला-बदली दोनों देशों के बीच मानवीय आधार पर एक राहत के रूप में देखी जा रही है।

30 आाजीवन कारावास प्राप्त कैदी भी छोड़े जाएंगे

हमास का चरमपंथी जकारिया जुबैदी

दूसरी ओर, इसराइल द्वारा रिहा किए जाने वाले 110 फलस्तीनी कैदियों में से 30 ऐसे कैदी हैं, जिन्हें इसराइलियों पर घातक हमले करने के आरोप में आजीवन कारावास की सजा दी गई थी। इन कैदियों में से एक प्रमुख नाम जकारिया जुबैदी का है, जो एक चरमपंथी था और 2021 में इसराइली जेल से भाग गया था, हालांकि उन्हें बाद में फिर से गिरफ्तार कर लिया गया था। इन कैदियों की रिहाई को लेकर इसराइल में मिश्रित प्रतिक्रियाएं हैं, जबकि कुछ इसे शांति प्रक्रिया के लिए एक सकारात्मक कदम मान रहे हैं, वहीं अन्य इसे सुरक्षा के लिहाज से खतरे के रूप में देख रहे हैं। यह अदला-बदली और संघर्ष विराम समझौता गाजा और इसराइल के बीच जारी संघर्ष को शांत करने के उद्देश्य से किया गया है। पिछले कुछ महीनों से दोनों पक्षों के बीच तनाव और संघर्ष लगातार बढ़ रहे थे, और कई लोग इस समझौते को दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करने के एक प्रयास के रूप में देख रहे हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल एक अस्थायी समाधान हो सकता है, और शांति की प्रक्रिया में आगे कई चुनौतियां हो सकती हैं।

समझौते को लंबे समय तक कायम रखना चुनौतीपूर्ण

गौरतलब है कि पहले इसराइल समझौते के लिए तैयार नहीं था। इसराइल का कहना था कि वह हमास को जड़ से खत्म कर के ही दम लेगा। इस युद्ध में 50 हजार से अधिक फलिस्तीनी मारे गए हैं। मगर, बाद में जब युद्ध लंबा खिंचा और हिजबुल्ला से सीधे युद्ध शुरू हुआ तो इसराइल समझौते की मेज पर आने लिए तैयार हो गया। यमन के हौसी ट्राइबल के हमलों के बाद इसराइल ने समझौता प्रक्रिया तेजी से बढाई और कतर की राजधानी दोहा में इसराइल व हमास के बीच एक समझौते के तहत फिलहाल युद्ध समाप्त हो गया है। संघर्ष विराम के बावजूद, गाजा और इजराइल के बीच हालात अब भी संवेदनशील हैं। दोनों पक्षों के लिए यह समझौता महत्वपूर्ण हो सकता है, लेकिन इसे लंबे समय तक कायम रखना और एक स्थायी शांति समझौते तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

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