
चक्रधरपुर : पूरी जिंदगी लोगों का मनोरंजन कर तालियां बटोरनेवाले इस सर्कस कलाकार का इस तरह अंत हो जाएगा, किसी ने सोचा नहीं होगा। पोरबंदर-शालीमार साप्ताहिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस 12905 में सफर के दौरान एक वरिष्ठ सर्कस कलाकार 66 वर्षीय ज्ञानेंद्र नाथ बनर्जी की मौत हो गई। जीआरपी ने ट्रेन से चक्रधरपुर स्टेशन पहुंचने पर शव को प्लेटफार्म पर उतारा। परिजनों के पहुंचने के बाद शव को उनके हवाले कर दिया गया।
बंगाल के वीरभूम के रहनेवाले थे ज्ञानेंद्र नाथ बनर्जी
ज्ञानेंद्र नाथ बनर्जी पश्चिम बंगाल के वीरभूम जिले के रहने वाले थे और गुजरात के जामनगर में चल रहे एसीआर सर्कस में कलाकार के रूप में कार्यरत थे। सर्कस का काम समाप्त होने के बाद वे घर लौट रहे थे। रेलवे सूत्रों के अनुसार गुरुवार देर रात ट्रेन जब राउरकेला स्टेशन के पास पहुंची तो ज्ञानेंद्र नाथ की अचानक तबीयत बिगड़ गई। सांस लेने में दिक्कत होने के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। साथ में सफर कर रहे यात्रियों ने तुरंत इसकी जानकारी ट्रेन स्टाफ को दी। ट्रेन रात्रि 2.15 बजे चक्रधरपुर पहुंची तो जीआरपी ने शव को नीचे उतारकर जरूरी प्रक्रिया शुरू की।
जीआरपी ने दी सूचना, चक्रधरपुर पहुंचे परिजन
शव को प्लेटफार्म पर उतारने के बाद जीआरपी ने ज्ञानेंद्र नाथ बनर्जी के परिजनों को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही परिवार के लोग चक्रधरपुर पहुंच गए। पूछताछ में पता चला कि 6 जुलाई को सर्कस के दौरान ही ज्ञानेंद्र नाथ की तबीयत खराब हो गई थी। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने हालत स्थिर बताने के बाद उन्हें घर भेजने की सलाह दी थी। चक्रधरपुर पहुंचने पर परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। उन्होंने इसे सामान्य मौत बताते हुए लिखित आवेदन दिया। इसके बाद जीआरपी ने सभी औपचारिकताएं पूरी कर शव परिजनों के हवाले कर दिया।

