सेंट्रल डेस्क: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा कि पश्चिम बंगाल में पार्टी की सरकार बनने के बाद राज्य में घुसपैठ पूरी तरह से बंद हो जाएगा। पाल का यह बयान बांग्लादेश से भारत में अवैध प्रवासन के मुद्दे पर चल रही बहस के बीच आया है।

सीमा पर बाड़ लगाने में रुचि नहीं दिखा रही बंगाल सरकार
एक समाचार एजेंसी से बात करते हुए पाल ने कहा, “केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में साफ तौर पर कहा है कि उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार से लगभग दस बार 450 किलोमीटर सीमा पर बाड़ लगाने के लिए भूमि देने का अनुरोध किया है, लेकिन राज्य सरकार ने अब तक ऐसा नहीं किया। इसी कारण देश भर में अवैध प्रवासी हैं। वे पश्चिम बंगाल से प्रवेश करते हैं, वहां अपना आधार कार्ड बनवाते हैं और फिर देश के अन्य हिस्सों में चले जाते हैं।”
बीजेपी की सरकार बनते ही हल होगा मुद्दा
पाल ने यह भी कहा कि एक बार जब BJP पश्चिम बंगाल में सरकार बनाएगी, तो घुसपैठ के मुद्दे को दृढ़ता से हल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि “जिस दिन BJP पश्चिम बंगाल में सरकार बनाएगी, घुसपैठ रुक जाएगी। हम सीमा पर बाड़ लगाएंगे ताकि रोहिंग्याओं और बांग्लादेशियों की अवैध आव्रजन को रोका जा सके।”
पश्चिम बंगाल के रास्ते ही हो रही अवैध घुसपैठ: अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर निशाना साधते हुए कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठिए या रोहिंग्या भारत में पश्चिम बंगाल के रास्ते प्रवेश करते हैं और 450 किलोमीटर की बाड़बंदी का काम लंबित है क्योंकि राज्य सरकार इसके लिए भूमि नहीं दे रही है। लोकसभा में अप्रवासन और विदेशियों संबंधी विधेयक, 2025 पर बहस के जवाब में शाह ने यह भी कहा कि BJP को आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में जीत का पूरा भरोसा है।
बंगाल में बन रहे घुसपैठियों के आधार कार्ड
अमित शाह ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के एक जिले में बांग्लादेशी अवैध प्रवासियों को आधार कार्ड जारी किए जाते हैं और वे फिर देश के अन्य हिस्सों में चले जाते हैं। “चाहे बांग्लादेशी घुसपैठिए हों या रोहिंग्या, पहले ये असम से भारत में प्रवेश करते थे, जब कांग्रेस की सरकार थी, अब ये पश्चिम बंगाल से प्रवेश करते हैं, जहां तृणमूल कांग्रेस की सरकार है। इन सभी घुसपैठियों को आधार कार्ड कौन देता है? जिन बांग्लादेशियों को पकड़ा गया है, उनके पास 24 परगना जिले के आधार कार्ड हैं। आप (TMC) आधार कार्ड जारी करते हैं और वे दिल्ली में वोटर कार्ड के साथ आते हैं।
बोले शाह-भारत कोई धर्मशाला नहीं
उन्होंने कहा कि बाड़बंदी का काम लंबित है क्योंकि पश्चिम बंगाल सरकार भूमि नहीं दे रही। जब भी बाड़बंदी का काम होता है, तो सत्तारूढ़ पार्टी के कार्यकर्ता उग्रता दिखाते हैं और धार्मिक नारेबाजी करते हैं। 450 किलोमीटर की बाड़बंदी का काम लंबित है क्योंकि पश्चिम बंगाल सरकार घुसपैठियों के प्रति सहानुभूति दिखा रही है।” अमित शाह ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत किसी के लिए ‘धर्मशाला’ नहीं है और जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बनेंगे, उन्हें देश में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।

