Jamshedpur : बिष्टुपुर स्थित आसताना रहीमिया में ताजदार-ए-विलायत हज़रत बादशाह अब्दुर रहीम शाह उर्फ चुना शाह बाबा रहमतुल्लाह अलैह का 57वां सालाना उर्स 7 से 10 अप्रैल 2026 तक अकीदत और शान के साथ मनाया जाएगा। उर्स को लेकर दरगाह परिसर में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
उर्स की शुरुआत 7 अप्रैल, मंगलवार को सुबह 8 बजे कुरानख्वानी से होगी। 8 अप्रैल, बुधवार को नमाज़-ए-इशा के बाद उलमा-ए-कराम की तकरीर का आयोजन किया जाएगा। 9 अप्रैल, गुरुवार को सुबह 10 बजे चादर व संदल गश्त निकाली जाएगी, जिसके बाद दोपहर 1 बजकर 20 मिनट पर चादरपोशी होगी। इसी दिन दोपहर 2 बजे से लंगर-ए-आम का आयोजन किया जाएगा।
10 अप्रैल, शुक्रवार को भी दोपहर 2 बजे से लंगर-ए-आम रखा गया है। वहीं रात 9 बजे महफिल-ए-शमा का आयोजन होगा, जिसमें नुसरत कादरी कव्वाल एंड पार्टी (राजस्थान) और गुलाम वारसी कव्वाल एंड पार्टी (उत्तर प्रदेश) के बीच सूफियाना मुकाबला पेश किया जाएगा।
उर्स के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से कई नामचीन उलमा-ए-कराम और कारी शामिल होंगे। इनमें मौलाना हाफिज कमरूज्जमां नूरी (भागलपुर), मौलाना हफीजुद्दीन, मौलाना मोहम्मद इजहार अहमद (इमाम, बिष्टुपुर जामा मस्जिद), कारी मोहम्मद कलीम कैसर (जुगसलाई), मौलाना मुश्ताक अहमद, कारी हाफिज इसहाक अंजुम, कारी अबरार कैसर और हाफिज हस्सान मोहम्मद (कोलकाता) शामिल हैं।
दरगाह कमेटी के महासचिव हाजी एस.एम. कुतुबुद्दीन ने सभी अकीदतमंदों से उर्स में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान अनुशासन और अदब का खास ध्यान रखा जाए।
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