
जमशेदपुर : झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिला मुख्यालय जमशेदपुर में बर्मामाइंस दुर्गा पूजा मैदान में लगे मेले के दौरान रविवार रात रोमांचक खेल अचानक खौफनाक हादसे में बदल गया। मेले के प्रमुख आकर्षण ‘मौत के कुएं’ में बाइक से करतब दिखा रही एक युवती की बाइक में अचानक आग लग गई। तेज रफ्तार से चक्कर काट रही बाइक कुछ ही पलों में आग की लपटों से घिर गई। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से युवती नीचे गिरकर झुलस गई। घटना के बाद मेले में मौजूद दर्शकों के बीच चीख-पुकार मच गई और लोग जान बचाने के लिए बाहर निकलने की कोशिश करने लगे। झुलसी युवती को तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया।
जमशेदपुर के मौत के कुएं में स्टंट के दौरान लगी आग
बर्मामाइंस दुर्गा पूजा मैदान में आयोजित मेले में रविवार रात बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। मेले में मौत का कुआं दर्शकों के लिए मुख्य आकर्षण बना हुआ था। लकड़ी से बने गोलाकार ढांचे के भीतर बाइक से करतब दिखाए जा रहे थे। दर्शक ऊपरी मंच पर खड़े होकर स्टंट देख रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार से बाइक चला रही युवती की बाइक में अचानक तकनीकी खराबी के कारण आग लग गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्टंट के दौरान बाइक के इंजन के पास से पहले धुआं और चिंगारी निकलती दिखाई दी। कुछ ही देर में आग की लपटें तेज हो गईं और पूरी बाइक आग की चपेट में आ गई। घटना इतनी तेजी से हुई कि वहां मौजूद लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। आग लगने के बाद बाइक पर नियंत्रण बनाए रखना मुश्किल हो गया और युवती का संतुलन बिगड़ गया।
करीब 20 फीट ऊंचे ढांचे के निचले हिस्से में गिरी युवती
मोटरसाइकिल में आग लगने के बाद स्टंट कर रही युवती नीचे गिर गई। हादसे के दौरान वह करीब 20 फीट ऊंचे मौत के कुएं के निचले हिस्से में जा गिरी और झुलस गई। आग की लपटों से घिरी बाइक को देखकर दर्शकों में दहशत फैल गई। जिस खेल को देखने के लिए लोग मेले में जुटे थे, वही कुछ ही क्षणों में गंभीर हादसे का कारण बन गया।
घटना के बाद मेले में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। दर्शकों को आग की चपेट में आने और धुएं से बचने की चिंता सताने लगी। हादसे के कारण मौत के कुएं में चल रहा करतब बाधित हो गया। झुलसी युवती को बाहर निकालने के बाद इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, युवती के झुलसने की पुष्टि हुई है। उसकी चोटों की गंभीरता और उपचार की विस्तृत स्थिति के बारे में जानकारी सामने नहीं आई है।
आग की लपटें उठते ही दर्शकों में मची भगदड़
मौत के कुएं के ऊपरी मंच पर खड़े दर्शकों ने जैसे ही बाइक को आग की लपटों से घिरते देखा, वहां चीख-पुकार शुरू हो गई। लोग तेजी से बाहर निकलने के लिए संकरी सीढ़ियों की ओर भागने लगे। अचानक मची इस अफरा-तफरी से पूरे मेला परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के कारण स्थिति और भी संवेदनशील हो गई।
हादसे के दौरान कुछ लोग अपनी सुरक्षा की चिंता करने के बजाय मोबाइल फोन से घटना का वीडियो बनाते भी दिखाई दिए। सोमवार को इस घटना का वीडियो सामाजिक माध्यमों पर तेजी से प्रसारित होने लगा। वीडियो में मौत के कुएं में हुए हादसे को लेकर लोगों के बीच पैदा हुई दहशत की चर्चा होने लगी। हालांकि, घटना के दौरान दर्शकों की कुल संख्या और किसी अन्य व्यक्ति के घायल होने की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं की गई है।
कर्मचारियों ने पानी और मिट्टी डालकर बुझाई आग
हादसे के तुरंत बाद मेले के संचालकों और कर्मचारियों ने आग बुझाने की कोशिश शुरू की। आग पर काबू पाने के लिए पानी और मिट्टी का इस्तेमाल किया गया। काफी मशक्कत के बाद बाइक में लगी आग बुझाई गई। राहत की बात यह रही कि आग लकड़ी से बने मौत के कुएं के पूरे ढांचे में नहीं फैली। यदि आग सूखी लकड़ी के ढांचे तक फैल जाती, तो हादसा और गंभीर हो सकता था।
हालांकि, आग बुझाए जाने तक मोटरसाइकिल पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। लकड़ी से बने ढांचे के भीतर ज्वलनशील सामग्री और दर्शकों की मौजूदगी को देखते हुए आग फैलने का खतरा बना हुआ था। समय रहते आग पर काबू पा लिए जाने से बड़े अग्निकांड की आशंका टल गई।
मेले में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
बर्मामाइंस मेले में मौत के कुएं के भीतर बाइक में आग लगने की घटना ने ऐसे जोखिम भरे करतबों के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। तेज रफ्तार से मोटरसाइकिल चलाने वाले कलाकारों की सुरक्षा के साथ-साथ दर्शकों की सुरक्षित निकासी की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होती है। खासकर लकड़ी से बने ढांचे के भीतर ऐसे करतबों के दौरान आग लगने की स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम जरूरी हैं।

