Jamshedpur : भविष्य निधि पेंशन में बढ़ोतरी की मांग कई साल से चल रही है। यह मांग करने वाले संगठन ईपीएस 95 राष्ट्रीय आंदोलन समिति ने केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया को एक पत्र लिखा है। इसके अलावा, साकची में भविष्य निधि कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर अधिकारियों को भी ज्ञापन सौंपा गया है। इसमें मांग की गई है कि भविष्य निधि पेंशन में हर महीने न्यूनतम 7500 रुपए की बढ़ोतरी होनी चाहिए।

मंत्रालय के चार्ट के अनुसार नहीं दी जा रही पेंशन
पत्र में कहा गया है कि श्रम और रोजगार मंत्रालय ने जनवरी 1996 में एक विज्ञापन प्रकाशित किया था। इसमें पेंशन की राशि का आंकड़ा चार्ट में दिखाया गया था। इसमें बताया गया था कि 25 साल की सेवा के लिए 4179 रुपए प्रति माह, 30 साल की सेवा के लिए 7977 रुपए प्रति माह, 35 साल की सेवा के लिए 14854 रुपए प्रति माह, 40 साल की सेवा के लिए 27156 प्रति माह पेंशन निर्धारित है। लेकिन यह पेंशन राशि 81 लाख पेंशनर पर लागू नहीं की गई है। ज्यादातर कर्मचारियों ने 30 साल की सेवा पूरी की है। इस तरह उन्हें 7977 रुपए प्रति माह पेंशन से लेकर 27156 रुपए प्रति माह के बीच पेंशन मिलनी चाहिए। इन कर्मचारियों ने नौकरी छोड़ने की तारीख तक पेंशन फंड में 12 लाख रुपए से अधिक का योगदान भी दिया था।
इतनी पेंशन मिले कि पति-पत्नी गुजार सकें जिंदगी
इसके बावजूद, उनके योगदान के अनुपात में इन्हें पेंशन की राशि बेहद कम दी जा रही है। इसलिए मांग की जा गई है कि पेंशन राशि में बढ़ोतरी की जाए। रिटायर्ड हो चुके कर्मचारियों का कहना है कि सरकार कम से कम इतनी पेंशन दे। ताकि, पति-पत्नी आराम से जिंदगी गुजार सकें। प्रदर्शन करने वालों में श्रमिक नेता रघुनाथ पांडे समेत अन्य लोग शामिल रहे।

