Jamshedpur (Jharkhand) : झारखंड के जमशेदपुर स्थित मानगो बस स्टैंड के पास सड़क दुर्घटना ने एक परिवार को ही उजाड़ कर रख दिया। पिछले शनिवार को हादसे में पति की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल पत्नी ने रविवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पति-पत्नी दोनों की असमय मौत से उनके दो मासूम बच्चे अनाथ हो गए हैं। इससे स्थानीय लोगों में शोक और आक्रोश का माहौल है।
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स्थानीय लोगों के अनुसार, मानगो डिमना रोड स्थित विश्वकर्मा लाइन निवासी लाल शर्मा शनिवार को मानगो बस स्टैंड के पास एक तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आ गए। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि लाल शर्मा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी नीलू शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गईं। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत एमजीएम अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत लगातार नाजुक बनी रही। डॉक्टरों के अथक प्रयास के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। अंततः रविवार की सुबह नीलू शर्मा की भी मौत हो गई।
ट्रैफिक पुलिस हेलमेट चेकिंग तक तक सिमटी : स्थानीय लोग
जानकारी मिलते ही घटनास्थल और अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने इसे प्रशासनिक व ट्रैफिक व्यवस्था की लापरवाही का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि मानगो बस स्टैंड क्षेत्र पहले से ही दुर्घटना संभावित जोन बन चुका है। यहां दिन-रात भारी वाहनों का आवागमन होता रहता है, बावजूद न तो पर्याप्त संख्या में ट्रैफिक पुलिस के जवानों की तैनाती की जाती है और न ही यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं। लोगों का आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस का काम सिर्फ हेलमेट चेकिंग और चालान काटने तक सीमित रह गया है।
सीतारामडेरा थाना के समक्ष प्रदर्शन
घटना से आक्रोशित स्थानीय व विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग रविवार को सीतारामडेरा थाना पहुंचे। उन्होंने वहां प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मानगो बस स्टैंड क्षेत्र में स्थाई और प्रभावी ट्रैफिक व्यवस्था लागू की जाए। साथ ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और हादसों पर अंकुश लगाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। लोगों ने मृतक दंपति के दोनों बच्चों को तत्काल मुआवजा, सरकारी सहायता और संरक्षण देने की भी मांग की।

