RANCHI: झारखंड में आईसीयू और सीसीयू सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए तैयार मॉडल एसओपी को शुक्रवार को प्रोजेक्ट भवन में कार्यशाला में सर्वसम्मति से मंजूरी मिल गई। अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि यह एसओपी निर्माण की दूसरी वर्कशॉप है और अब इसे लागू करने का समय आ गया है। सभी डॉक्टरों और प्रतिनिधियों ने एसओपी को मंजूरी प्रदान कर दी। उन्होंने घोषणा की कि एक वर्ष के भीतर एसओपी को सभी अस्पतालों में लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए भर्ती प्रक्रिया तेज होगी। जरूरत पड़ने पर अन्य राज्यों से भी डॉक्टर उपलब्ध कराए जाएंगे। अस्पतालों को अपने उपकरण आईपीएच मानकों के अनुरूप अपग्रेड करने होंगे।
डिजिटल हेल्थ सिस्टम होगा लागू
उन्होंने कहा कि राज्य में आईटी और एआई आधारित डिजिटल हेल्थ सिस्टम लागू किया जाएगा। जल्द ही झारखंड डिजिटल हेल्थ मिशन शुरू किया जाएगा। उन्होंने प्राइवेट अस्पतालों को आईसीयू अपडेट करने और इंश्योरेंस स्कीम से फंड उपयोग करने की सलाह दी।
सुझावों पर तैयार हुआ एसओपी का ड्राफ्ट
अपर सचिव विद्यानंद शर्मा पंकज ने बताया कि 6 नवंबर की वर्कशॉप में मिले सुझावों के आधार पर मॉडल एसओपी का ड्राफ्ट को अंतिम रूप दिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी फीडबैक शामिल कर एसओपी को सुप्रीम कोर्ट में भेजा जाएगा, जिसके बाद इसे राज्य में लागू किया जाएगा। रिम्स के डॉ. प्रदीप कुमार भट्टाचार्य ने एसओपी की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि एसओपी में सीएचसी स्तर से लेकर जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेजों और स्टेट लेवल संस्थानों तक आईसीयू,सीसीयू प्रबंधन के स्पष्ट मानक शामिल हैं। एनएचएम निदेशक शशि प्रकाश झा ने विश्वास जताया कि एसओपी का पालन कराया जाएगा।
क्या है एसओपी में
- क्वालिटी केयर, कॉस्ट, एक्सेसिबिलिटी और रेफरल पाथवे को प्राथमिकता
- सीएचसी स्तर पर बेसिक इमरजेंसी केयर और स्टेबलाइजेशन की अनिवार्यता
- जिला अस्पतालों में क्रिटिकल केयर सेकेंडरी रेफरल सिस्टम की तैयारी
- एक अंग फेलियर की स्थिति में जिला अस्पताल, जबकि एक से अधिक अंग फेलियर में मेडिकल कॉलेज में रेफर करने की स्पष्ट गाइडलाइन
- स्टेट लेवल पर स्पेशलिस्ट सपोर्ट, ऑडिट सिस्टम और एजुकेशन पर जोर
- प्राइवेट अस्पतालों के लिए भी समान निर्देश
- राज्य में जल्द ही ऑर्गन ट्रांसप्लांटेशन शुरू होने की संभावना
इनकी रही मौजूदगी
अप्रूवल आफ एसओपी फॉर मेडिकल मैनेजमेंट एट आईसीयू,सीसीयू आफ झारखंड विषय पर आयोजित इस कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, एनएचएम निदेशक शशि प्रकाश झा, अपर सचिव विद्यानंद शर्मा पंकज, रिम्स के विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप कुमार भट्टाचार्य और एस.के चौधरी के अलावा सभी जिलों के सिविल सर्जन, विभागीय अधिकारी और प्राइवेट अस्पतालों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम में कुल 225 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
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