Chaibasa (Jharkhand) : पश्चिमी सिंहभूम – झारखंड विधानसभा की अनागत प्रश्न क्रियान्वयन समिति ने रविवार को पश्चिमी सिंहभूम जिले का दौरा किया। यहां पहुंचने पर सर्वप्रथम चाईबासा परिसदन में समिति सदस्यों को पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। तत्पश्चात समिति सदस्य नमन विक्सल कोनगाड़ी और राम सूर्या मुण्डा के ने परिसदन सभागार में उपायुक्त चंदन कुमार, उप विकास आयुक्त संदीप कुमार मीणा, सभी वन प्रमंडल पदाधिकारी, अपर उपायुक्त, सिविल सर्जन, जिला स्तरीय पदाधिकारियों और कार्यपालक अभियंताओं के साथ समीक्षा बैठक की।
प्रश्नों पर गंभीरता व सावधानीपूर्वक अध्ययन का निर्देश
बैठक में समिति के सदस्यों ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को अनागत प्रश्नों पर गंभीरता और सावधानीपूर्वक अध्ययन करने का निर्देश दिया। अनागत प्रश्नों का समिति को लिखित रूप में तथ्यपरक और अद्यतन उत्तर उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया।बैठक के दौरान समिति ने विभागवार अनागत प्रश्नों की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
समिति सदस्यों ने ली योजनाओं व कार्यक्रमों की जानकारी
समिति ने स्वास्थ्य, सड़क निर्माण, विद्युत, पंचायती राज, पर्यटन, भूमि संरक्षण, विशेष प्रमंडल, शिक्षा, खान एवं भूतत्व, वन विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, समाज कल्याण विभाग, कल्याण विभाग सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
समाज की अंतिम पंक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही उद्देश्य
समिति सदस्य नमन विक्सल कोनगाड़ी ने कहा कि झारखंड विधानसभा की अनागत प्रश्न क्रियान्वयन समिति स्थायी समिति है, जो विधानसभा में सदस्यों के द्वारा पूछे गए, लेकिन सभा में उत्तरित न हो सके प्रश्नों (अनुत्तरित/अनागत प्रश्न) के क्रियान्वयन और उन पर की गयी कार्रवाई की समीक्षा करती है। उन्होंने बताया कि बैठक में संबंधित विभागों के पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न विकासात्मक योजनाओं का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, तत्परता और जवाबदेही बनाए रखने पर विशेष बल दिया गया, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं रहे।

