RANCHI: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को सदन की कार्रवाई हुई। इस दौरान विधायक सरयू राय ने मानगो पेयजल परियोजना में लगातार देरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि 2009 में शुरू हुई यह योजना आज तक पूरी क्यों नहीं हो सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि 2019 से 2024 के बीच परियोजना की उपेक्षा हुई। जलमीनारें अधूरी रहीं, इंटेक वेल में जमी बालू की सफाई नहीं हुई और पुराने मोटर बदलने में लापरवाही बरती गई, जिससे जलापूर्ति प्रभावित हुई। उन्होंने यह भी कहा कि योजना पर्याप्त पानी देने में सक्षम नहीं है, फिर भी एमजीएम अस्पताल को प्रतिदिन टैंकरों से पानी भेजा जा रहा है।
इस पर मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने जवाब दिया कि केंद्र सरकार से एनओसी मिलने में देरी के कारण परियोजना प्रभावित हुई। उन्होंने आश्वासन दिया कि मार्च 2026 तक योजना पूरी कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि एमजीएम अस्पताल को रोजाना 72 हजार लीटर पानी दिया जा रहा है और योजना के फेज-2 का निर्माण आवश्यक है। इसके अलावा सरयू राय ने कोडरमा डोमचांच को नगर पंचायत घोषित करने की अधिसूचना को रद्द करने की मांग की। इस पर मंत्री ने कहा कि जनगणना की रिपोर्ट आने के बाद ही सरकार पुनः विचार करेगी। साथ ही सदन में पथ निर्माण विभाग के सहायक अभियंताओं के पदस्थापन, सेवा विनियमन और वेतन भुगतान को लेकर भी सवाल उठे। विधायक आलोक कुमार चौरसिया ने चार बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी मांगी, जिसमें वित्त विभाग के संकल्प संख्या 1337 और 2007 बैच के अभियंताओं के वेतन भुगतान का मुद्दा शामिल था। मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि यह मामला फिलहाल प्रक्रियाधीन है और विभाग नियमानुसार आगे की कार्रवाई करेगा।
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